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Monday, April 15, 2024
पलामूपलामू प्रमंडल

सतबरवा में श्रीराम जानकी विवाहोत्सव पर महिलाओं ने गाया मंगल गीत

शिल्पा/सतबरवा

पलामू : जिले के सतबरवा महावीर चौक मेन बाजार नवयुवक संघ के द्वारा श्री राम जानकी विवाह का आयोजन किया गया। इस मौके पर महिलाओं ने मंगलगीत गाया। नवयुवक संघ के द्वारा 32वां श्री राम चरित मानस नवाह परायण यज्ञ एवं पाठ और हवन तथा रात्रि में प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतबरवा मुखिया रीना के साथ वधू पक्ष की ओर से लक्ष्मण प्रसाद सोनी ने तथा वर पक्ष की और से अर्जुन प्रसाद ने समधी मिलन की रस्म अदायगी की।

मौके पर जानकी जी के भाई के रूप में संतोष दीवाना, राहुल दीवाना, कुंदन जायसवाल, कमलेश प्रसाद, धीरज सोनी ने भाई का फर्ज अदा किया और अटूट बंधन निभाने के लिए पानी का बिना टूटे धार वाला बहन के हाथों में समर्पित किया।

मौके पर संरक्षक पूर्व सरपंच नंदकिशोर प्रसाद, हरिद्वार प्रसाद, गोपाल दीवाना, चंदन प्रसाद, मनोज सोनी ,सीता सोनी, रिया सोनी, सुधीर गुप्ता, निक्की गुप्ता, सुरेंद्र मिश्रा के अलावा हजारों नर-नारी विवाह के मौके पर गवाह के रूप में मौजूद थे।

भारतीय परंपरा में श्रीराम जानकी आदर्श विवाह माना जाता है : मुखिया रीना

सतबरवा चट्टी पंचायत की मुखिया रीना साहू ने कहा कि भगवान शिव ने मिथिला के राजा जनक को एक दिव्य उपहार धनुष दी थी। राजा जनक ने यह शर्त रखी की वह अपनी बेटी सीता का विवाह इस व्यक्ति से करेंगे जो भगवान शिव के धनुष पिनाक की प्रत्यंचा चढाकर धनुष को तोड देगा, उसी से मैया सीता जी की विवाह होगी। इसके लिए राजा जनक जी ने स्वयंवर का आह्वान किया। एक से बढ़कर एक शूरवीर पहुंचे थे, जो असफल हो गये। तभी गुरुजी के आज्ञा का पालन करते हुए श्री राम जी ने शिव जी की धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाया और धनुष को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से श्री राम और जानकी जी का विवाह हुआ। भारतीय समाज में राम और सीता को आदर्श दंपति का उदाहरण माना जाता है। सीता का जीवन प्रेम, आदर्श और समर्पण के मूल्यों पर आधारित है।

Palamu Satbarwa News Today