Breaking :
||लातेहार: बारियातू में ऑटो चालक की गोली मारकर हत्या, विरोध में सड़क जाम||लातेहार जिले के विकास के लिए किसी के पास कोई रोडमैप नहीं, अधिकारी भी नहीं रहना चाहते यहां: सुदेश महतो||झारखंड में अधिकारियों के तबादले में चुनाव आयोग के निर्देशों का नहीं हुआ पालन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिखा पत्र||पलामू: बाइक सवार अपराधियों ने व्यवसायी को मारी गोली, पत्नी ने गोतिया परिवार पर लगाया आरोप||पलामू: ट्रैक्टर की चपेट में आने से बाइक सवार इंटर के परीक्षार्थी की मौत||पलामू DAV के बच्चों की बस बिहार में पलटी, दर्जनों छात्र घायल||पलामू: पिछले 13 माह में सड़क दुर्घटना में 225 लोगों की मौत पर उपायुक्त ने जतायी चिंता||सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित||JSSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर विधानसभा गेट पर भाजपा विधायकों का प्रदर्शन||लातेहार: 10 लाख के इनामी JJMP जोनल कमांडर मनोहर और एरिया कमांडर दीपक ने किया सरेंडर
Sunday, February 25, 2024
पलामू प्रमंडलबालूमाथलातेहार

लातेहार: तिलैयाटाड़ में जंगली हाथियों ने चार घरों को तोड़ा, अनाज भी खाये, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

शशि भूषण गुप्ता/बालूमाथ

लातेहार : बालूमाथ थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों ने 10 दिनों बाद फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है। अपने आतंक को जारी रखते हुए शनिवार की रात तिलैयाटाड़ में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया।

इस दौरान तिलैया टोला निवासी नरेश उरांव, शिबू उरांव, पिंटू उरांव, शिवदेव उरावं के घर को ध्वस्त कर दिया और घर में रखे अनाज भी खा गये। ग्रामीणों ने किसी तरह से घर से भाग कर अपनी जान बचायी।

लातेहार, पलामू और गढ़वा की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को हाथियों के आने की धमक रात में ही कुछ घण्टे पूर्व मिल चुकी थी। जिस कारण ग्रामीण रतजगा कर जंगली हाथियों को दूसरी ओर खदेड़ने में सफल रहें अन्यथा जानमाल की क्षति हो सकती थी।

इधर, घटना की सूचना पर सीसीएल की मगध संघमित्रा एरिया के महाप्रबंधक निपेंद्रनाथ, कोयला उत्पादक कंपनी बीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर एसएन रेड्डी, अधिकारी सुनील राम समेत कई अधिकारी प्रभावित तिलैयाटाड़ का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार के प्रति दुख व्यक्त करते हुए अपनी ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

मौके पर काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। जंगली हाथियों के उत्पात से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भय और दहशत का माहौल देखा जा रहा है।