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Saturday, April 20, 2024
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लातेहार: वार्डन का छात्राओं को शारीरिक दंड देने के मामले ने पकड़ा तूल, DEO के नेतृत्व में स्कूल पहुंची जांच टीम

नितीश कुमार यादव/हेरहंज

लातेहार : हेरहंज प्रखंड मुख्यालय स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डन एलिजाबेथ कुमुद टोप्पो द्वारा उठक-बैठक के की तुगलकी फरमान से छात्राओं की हालत बिगड़ गयी थी। इस खबर को The News Sense ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर वायरल होने के बाद शनिवार को जिला शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कविता खलखो, एपीओ रोज मिंज व प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी प्रेमलता ने झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की। जांच में मामला सही पाया गया।

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिला शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कविता खलखो ने कहा कि वार्डन द्वारा छात्राओं को जिस तरह का कठोर शारीरिक दंड दिया गया है वह अमानवीय है। इस मामले में दोषी वार्डन के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जायेगी। इसके लिए सभी छात्राओं और अभिभावकों के साथ बैठक की गयी। बैठक में सभी छात्राओं व अभिभावकों से चर्चा की गयी। जिसमें छात्राओं ने कहा कि वार्डन द्वारा हमें हमेशा प्रताड़ित किया जाता है। खाने में भी ठीक से खाना नहीं दिया जाता है। साथ ही नहाने के लिए साबुन, पढ़ाई के लिए किताब, कॉपी, पेन की भी कमी है। इस कमी से लातेहार विधायक बैद्यनाथ राम को भी अवगत कराया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस भीषण गर्मी में भी हॉस्टल में न तो पंखा है और न ही कूलर।

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क्या कहते हैं अविभावक

अभिभावकों ने कहा कि हमने आज तक अपनी बच्चियों को एक थप्पड़ तक नहीं मारा और जिनके भरोसे करीब 200 बच्चियों का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, उन्हीं वार्डन ने बच्चियों को कठोर शारीरिक दंड दिया। सजा के बाद सभी बच्चियों की हालत गंभीर बनी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय हेरहंज पहुंची

प्रखंड मुख्यालय स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में वार्डन एलिजाबेथ कुमुद टोप्पो द्वारा छात्राओं से 200-200 बार उठक-बैठक कराने के कारण छात्राओं की तबीयत बिगड़ गयी थी। गुरुवार रात से ही उनका इलाज चल रहा है। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार सुबह करीब नौ बजे झारखंड कन्या आवासीय विद्यालय पहुंची। इस टीम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुरेश राम, डॉ. ध्रुव सत्य महतो, लैब टेक्नीशियन निरंजन कुमार, एमपीडब्ल्यू संजय कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। मेडिकल टीम ने एक-एक कर सभी बीमार छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें दवाइयां भी दी।

इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल पदाधिकारी प्रदीप कुमार दास भी विद्यालय पहुंचे। श्री दास ने कहा कि आज से स्कूल में गर्मी की छुट्टी हो गयी है, सभी बच्चियां अपने-अपने घर जा रही हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी बच्चियों की गहन जांच कर उन्हें दवायें उपलब्ध कराये। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं से घटना की जानकारी ली और छात्राओं को होने वाली परेशानी के बारे में भी जानकारी ली। अभी भी कई छात्राओं के पैरों में सूजन है।

गौरतलब हो कि यह मामला गुरुवार शाम की है। घटना के बाद छात्राओं का इलाज कभी बालूमाथ तो कभी हेरहंज अस्पताल में चल रहा है। दो छात्रायें उषा कुमारी और प्रीति कुमारी की हालत ज्यादा गंभीर थी, जिनका इलाज शुक्रवार रात को भी हेरहंज अस्पताल में किया गया था। दोनों छात्राओं को स्लाइन भी दी गयी। इस दौरान बीडीओ श्री दास दास भी शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक अस्पताल में मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लिया। रात 10 बजे भी 5 छात्राओं को अस्पताल लाया गया, जिनका इलाज रात में भी जारी रहा। हालत में काफी सुधार के बाद उन्हें सुबह पांच बजे वापस स्कूल लाया गया।