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लातेहार: ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर लगाया बड़ा आरोप, दूसरे स्थान की योजना का घर के अंदर करा रहे निर्माण

गोपी कुमार सिंह/गारू

लातेहार : आम तौर पर ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद करते हैं और इसीलिए ग्रामीण अपने पसंदीदा व्यक्ति को क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के रूप में चुनते हैं। लेकिन वही जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की उम्मीदों का गला घोंटने लगे तो कहना ही क्या। लातेहार से एक ऐसी ही घटना सामने आयी है। मालूम हो कि लातेहार जिले में इन दिनों जनप्रतिनिधियों की मनमानी चरम पर है। स्थिति यह है कि जिन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिलना है। इसमें धांधली कर जनप्रतिनिधि खुद इसका फायदा उठा रहे हैं।

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डीप बोरिंग में हेराफेरी का आरोप

गारू प्रखंड से एक ऐसा ही जनप्रतिनिधियों की मनमानी का मामला सामने आया है। प्रखंड क्षेत्र के मायापुर पंचायत के बड़ी मायापुर गांव में वन विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनने वाले डीप बोरिंग में ग्रामीणों ने हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पलामू टाइगर प्रोजेक्ट के उप निदेशक को लिखित इसकी शिकायत की है।

काफी मशक्कत के बाद वन विभाग से मिली थी सहमति

The News Sense से बातचीत के क्रम में ग्रामीणों ने कहा कि वे पिछले कई सालों से गांव के अंतिम छोर में स्थित कुएं से पानी पी रहे हैं। इस कंपकंपाती ठंड में कुएं का पानी हलख से उतर भी नही पाता। पानी पीने के बाद सर्दी और खांसी होना आम बात है। गर्मी में कुएं का पानी सूख जाता है। इसके बावजूद हम किसी तरह अपनी प्यास बुझा रहे हैं। काफी मशक्कत के बाद वन विभाग से एक डीप बोरिंग की सहमति मिली, उसमें भी हेराफेरी कर दूसरी जगह निर्माण कराया जा रहा है।

कागजी कार्रवाई कर ली गयी थी पूरी

गांव के ग्राम प्रधान अनुज तिर्की का कहना है कि वन विभाग द्वारा गांव में डीप बोरिंग करवाने के लिए सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गयी है। सूचना मिली थी कि एक-दो दिन में बोरिंग मशीन गांव में आने वाली है, इसलिए उसने पूजा के लिए दुकान से नारियल, अगरबत्ती व कई अन्य सामान खरीदा। लेकिन जनप्रतिनिधियों ने बड़ी मायापुर गांव के 25 घरों के परिवारों की उम्मीदों का गला घोंटने का काम किया है।

समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

उन्होंने बताया कि वन विभाग की मिलीभगत से मायापुर पंचायत में होने वाली डीप बोरिंग बारेसाढ़ पंचायत के जनप्रतिनिधियों के घर में कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जानते हुए भी कि गांव में शुद्ध पेयजल की भारी समस्या है, जनप्रतिनिधि गलत तरीके से अपने घर में योजना का निर्माण करवा रहे हैं। यह बेहद दुखद है। उन्होंने गांव की समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

उप प्रमुख व विधायक प्रतिनिधि कर रहे मनमानी

गांव के संजीव टोप्पो बताते हैं कि देश में भले ही आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा हो। लेकिन आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं और इसके लिए संजीव जनप्रतिनिधियों को ही दोषी ठहराते हैं। उनका कहना है कि उप प्रमुख रामदास यादव, विधायक प्रतिनिधि मनोज यादव व अरुण यादव वन विभाग की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर अपने-अपने घर में एक-एक डीप बोरिंग करवा रहे हैं। जबकि मायापुर पंचायत क्षेत्र के ऐसे गांवों में तीनों डीप बोरिंग का निर्माण किया जाना था। जहां पेयजल की भारी समस्या है। बावजूद तीनों योजनाओं का निर्माण बारेसाढ़ के जनप्रतिनिधियों के घरों में कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि गांव में पानी की समस्या को देखते हुए गांव में डीप बोरिंग करायी जाये।

स्कूली छात्र भी झेल रहे है परेशानी, बीमारियों से भी होते है दो चार

मायापुर गांव में पानी की समस्या से स्कूली छात्र भी अछूते नहीं हैं। उन्हें भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्कूली छात्र हर्ष कुजूर का कहना है कि गांव में पानी की काफी समस्या है। घर से कुछ दूर कुआं है। पूरा गांव उसी कुएं पर निर्भर है। हर्ष का कहना है कि पानी लाने के चक्कर में कई बार स्कूल जाने में भी काफी देर हो जाती है। उनका कहना है कि इस पानी को पीने से सर्दी और कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

उप प्रमुख ने आरोपों को बताया निराधार

इधर उप प्रमुख रामदास यादव ने The News Sense से बातचीत में कहा कि वह अपने खर्चे से अपने घर में डीप बोरिंग करवा रहे हैं। उन्होंने बड़ी मायापुर गांव की योजना में धांधली के मामले को खारिज करते हुए अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार बताया है।

प्रभारी वनपाल ने कहा मायापुर गांव में हरहाल में होगी बोरिंग

इधर, प्रभारी वनपाल परमजीत तिवारी ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद बड़ी मायापुर गांव में डीप बोरिंग की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा वह खुद ही जीपीएस समेत अन्य जरूरी कागज़ी प्रक्रिया को पूरा करवाया है। लेकिन बड़ी मायापुर गांव से पहले प्रखंड उप प्रमुख रामदास यादव के घर के अंदर डीप बोरिंग करायी जा रही है। लिहाज़ा कई तरह के सवाल उठ रहे है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मशीन खराब हो गयी है। जिसे मरम्मत के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बड़ी मायापुर गांव में हरहाल में डीप बोरिंग करायी जायेगी ।

लोगों में नाराजगी

बहरहाल बड़ी मायापुर गांव में करीब 25 घर हैं। जो गांव में डीप बोरिंग की खबर सुनकर काफी खुश हुए। लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी खुशियां छीने जाने से लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। अब ये देखना
अहम होगा कि प्रशासन इस पूरे मश्ले पर क्या रुख अख्तियार करता है।