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Sunday, May 19, 2024
पलामू प्रमंडलमनिकालातेहार

मनिका में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर बीडीओ का घेराव, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

कौशल किशोर पांडेय/मनिका

आवास के अभाव में आदिम जनजाति परहिया स्कूल में रहने को विवश

लातेहार : एक तरफ जहां सरकार विलुप्त आदिमजनजाति परिवारों के लोगों के लिए कई तरह के कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। वहीं प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण मनिका प्रखंड के दूंदु पंचायत के बिचलीदाग गांव और बिसुनबांध पंचायत टेंगरा पत्थर गांव के आदिम जनजाति परहिया आवास, पानी, बिजली और सड़क की मांग को लेकर बीडीओ को घेरने को मजबूर है। दर्जनों की संख्या में आदिम जनजाति परहिया परिवार शुक्रवार को बीडीओ बीरेंद्र किंडो के कार्यालय पहुंचकर घेराव किया।

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बिचलीदाग गांव के छोटू परहिया परहिया ,रीता परहिन, ललिता परहिन, सोनी परहिन, उपेंद्र परहिया, मनिता परहीन, सोनू परहिया, लक्ष्मी परहिन, फागू परहिया समेत कई लोगों ने बताया कि हमलोगो को पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। हमलोग टूटे फूटे कुंए से पानी पीने को विवश हैं। आज तक चापाकल भी नहीं लगा है। गांव में जाने के लिए सड़क नहीं है।

वहीं लोगों ने बताया कि आज तक हमलोगों को बिजली भी नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से भी हमलोगों को वंचित रखा जाता है। ग्रामीणों ने बीडीओ से आवास से वंचित लोगों के लिए बिरसा आवास, गांव में सड़क, बिजली और पेयजल की सुविधा अविलंब उपलब्ध कराने की मांग की है।

सबसे अहम खबर है कि टेंगरा पत्थर गांव निवासी राजमोहन परहिया घर के अभाव में अपने बाल बच्चों के साथ प्राथमिक विद्यालय टेंगरा पत्थर में रहने को विवश है। राजमोहन की पत्नी प्रमिला परहीन ने बताया कि हमलोग घर के लिए बार पदाधिकारी से मिले परंतु आज तक आवास नहीं मिला। उसने बताया कि हमलोग अपने घर के अभाव में लाचारी में चार बच्चों के साथ स्कूल भवन में रह रहे हैं।

क्या कहते हैं बीडीओ

उक्त संबंध में बीडीओ बीरेंद्र किंडो ने कहा कि मामले में जांचकर सभी आदिम जनजाति परिवारों को सरकारी सुविधा से आच्छादित किया जायेगा। वहीं उन्होंने कहा कि पेयजल, बिजली और सड़क की सुविधा के लिए वरीय अधिकारियों से बात कर आगे की कार्रवाई की जायेगी।