Breaking :
||चतरा: अत्याधुनिक हथियार के साथ TSPC के तीन उग्रवादी गिरफ्तार||लातेहार में बड़ा रेल हादसा, चार यात्रियों की मौत और कई के घायल होने की सूचना||मोदी 3.0: मोदी सरकार में मंत्रियों के बीच हुआ विभागों का बंटवारा, देखें किसे मिला कौन सा मंत्रालय||गढ़वा: प्रेमी ने गला रेतकर की प्रेमिका की हत्या, शादी का बना रही थी दबाव, बिन बयाही बनी थी मां||मैक्लुस्कीगंज में फायरिंग व आगजनी मामले में पांच गिरफ्तार, ऑनलाइन जुआ खेलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार||पलामू में शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू, जानिये वजह||पलामू में युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच तेज||पलामू: संदिग्ध हालत में स्कूल में फंदे से लटका मिला प्रधानाध्यापक का शव, हत्या की आशंका||लातेहार: तालाब में डूबे बच्चे का 24 घंटे बाद भी नहीं मिला शव, तलाश के लिए पहुंची NDRF की टीम||मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने आलमगीर आलम से लिए सभी विभाग वापस
Saturday, June 15, 2024
पलामू प्रमंडललातेहार

लातेहार में धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

लातेहार : मंगलवार को शहर के बीचोबीच स्थित राधा कृष्ण मंदिर (ठाकुरबाड़ी) से भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गयी। इससे पूर्व मुख्य यजमान योगेश प्रसाद व उनकी पत्नी रीना देवी ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलराम व बहन सुभद्रा के विग्रहों का पूजन किया। मंदिर के महंत दिलीप उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया। इसके बाद योगेश प्रसाद सप्तनिक ने रथ की रस्सी खींचकर रथ यात्रा शुरू की। इसके बाद मंदिर परिसर में रथ खींचने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया।

Latehar Rath Yatra News
Latehar Rath Yatra

रथ यात्रा शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए थाना चौक पहुंची। इसके बाद बायपास चौक और मानस पथ होते हुए काली मंदिर मोड़ तक गयी। इसके बाद मुख्य सड़क से वापस बाजारटांड़ स्थित मौसी बाड़ी पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ नौ दिनों तक रहेंगे। इसके बाद वापसी करेंगे।

लातेहार, पलामू और गढ़वा की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

मौके पर पवन कुमार गुप्ता, राजेश प्रसाद अग्रवाल, विजय प्रसाद, ब्रजेश अग्रवाल, गिरधारी प्रसाद, सुनील प्रसाद, राजन तिवारी, अंकित पांडेय व गौरव अग्रवाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

रथयात्रा का वर्षों पुराना रहा है इतिहास

महंत पूरन दास जी महाराज ने वर्ष 1833 में लातेहार शहर के बाजारटांड़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर से रथ यात्रा की शुरुआत की थी। वर्ष 1994 तक भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलराम की मूर्तियों को रथों पर चढ़ाकर प्राचीन शिव मंदिर से ही यह यात्रा निकाली जाती थी। महंत पूरन दास जी महाराज के निधन के बाद उनके वंशज महंत शरण दास, महंत जनक दास, महंत यदुवंशी दास और 1970 से महंत मुनि दास ने यह जिम्मेदारी संभाली। उस समय यह रथ यात्रा प्राचीन शिव मंदिर से शुरू होती थी और नगर भ्रमण के बाद तीनों देवता धरमपुर मौसीबाड़ी पहुंचते थे। फिर नौ दिनों के बाद तीनों देवताओं को प्राचीन शिव मंदिर में लाया जाता था। जब वर्ष 1994 में लातेहार शहर के मुख्य मार्ग में ठाकुरबाड़ी का निर्माण किया गया था, तब आम लोगों की सहमति के बाद ठाकुरबाड़ी से भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलराम की रथयात्रा निकाली जाने लगी। लातेहार शहर के एकमात्र ठाकुरबाड़ी मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा प्रत्येक वर्ष निकाली जाती है।