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Thursday, May 30, 2024
पलामूपलामू प्रमंडल

पलामू: सतबरवा प्रखंड में जियोलॉजिकल सर्वे का विरोध, दूसरी बार काम शुरू कराने में विफल रहे अधिकारी समेत तीन खबर

शिल्पा/सतबरवा

पलामू : भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जूलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया) ने सतबरवा प्रखंड के करमा गांव में सर्वे का काम शुरू कराने में दूसरी बार पदाधिकारी विफल रहे।

शुक्रवार को लेस्लीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले सतबरवा के करमा गांव पहुंचे सदर एसडीएम राजेश कुमार साह और जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन ग्रामीणों को समझाने पहुंचे थे। पदाधिकारी ने ग्रामीणों से कहा की जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है, केंद्र के निर्देश पर यह कार्य हो रहा है। बाधा डालने वालों पर कार्रवाई किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का काम करमा गांव के बगल में खाली भूखंड पर आधा किमी दूर हो रहा है। आपके द्वारा बाधित कर दिया है। सर्वे का काम होने दें। यहां तक की बीते दिनों कार्य स्थल पर धावा बोलकर सर्वेक्षण का रखा सामान को क्षतिग्रस्त कर सरवर को भगा दिया गया। प्रहरी के साथ अभद्र व्यवहार भी की गयी थी। जबकि हर रोज सर्वेक्षण कर रहे कर्मियों के साथ खुदाई के सामानों पर हजारों खर्च होते है। गांव में मिनरल्स निकलने के बाद क्षेत्र में समृद्धि आयेगी और क्षेत्र खुशहाल बनेगा।

इधर ग्रामीणों ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सर्वेक्षण के बाद खनिज निकलने पर कोई कंपनी इसे अधिग्रहण कर लेगी। हमलोगों को विस्थापित होना पडेगा यह सब हमें मंजूर नहीं है। लाख दो लाख रुपए मुआवजा से कुछ नहीं होगा। सभी ग्रामीण एकजुट है और सर्वेक्षण का काम शुरू नहीं होने देंगे।

इस मुद्दे पर पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि आपलोगों को जो भी समस्या है उसे उपायुक्त पलामू के पास अपना पक्ष रख सकते हैं। इस अवसर पर एसडीएम, डीटीओ के साथ बीडीओ सह सीओ राजकिशोर प्रसाद और बीपीआरओ सुरेश ठाकुर, सरफराज आलम, नीलांबर पितांबरपुर थाना पुलिस मौजूद थीं।

करमा गांव केवल पांच सौ एकड़ का

ग्रामीणों ने बताया कि करमा गांव का पूरा रकबा 500 एकड़ का है। जिसमें 200 एकड़ जमीन पर घर तथा बारी कुछ एकड़ में नहर का कैनाल है। 200 एकड़ खाली भूखंड है।उसी जमीन पर जीएसआई सर्वे कर रही थी। ग्रामीणों का यह भी कहना है मिनरल्स निकालने के लिए सर्वे टीम जमीन के अंदर सुराख कर देगी। पलायन हम बर्दाश्त नही कर सकते। यह गांव आर्थिक रूप से समृद्ध गांव है। इससे पूर्व 16 अगस्त को एसडीएम के नेतृत्व में सर्वे का काम शुरू कराने के लिए करमा गांव के ग्रामीण से बातचीत की थी।

जीएसआई ने काम रोके जाने की जानकारी दी

भारत सरकार खान मंत्रालय के अधीन जीएसआई संगठन ने करमा गांव में सर्वेक्षण के दौरान ग्रामीणों के द्वारा काम बाधित कर दिया जाने की सूचना दी है। जीएसआई की स्थापना 1851 में हुई थी। इसका कार्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन करना है।

खामडीह में गौशाला के माध्यम मवेशियों की सेवा करना सराहनीय कदम : डीएएचओ

पलामू: सतबरवा प्रखंड के खामडीह गांव में गौशाला का संचालन कर रहे मनोरमा गोपाल आश्रम का निरीक्षण शनिवार को जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉक्टर प्रभाकर सिन्हा, सहायक कुकुट पदाधिकारी डॉक्टर उदय कुमार सिंहा व सदर डाल्टनगंज पशुपालन पदाधिकारी डॉ अनूप विलियम लकड़ा ने किया।

डीएएचओ प्रभाकर सिन्हा ने कहा कि गौशाला संचालक का कार्य काफी सराहनीय है। यहां पर 36 मवेशियों का सेवा सुरक्षा तथा उचित देखरेख करके चारा पानी दिया जाता है ,इसमें एक भी दुधारू मवेशी नहीं है। उन्होंने कहा कि मनोरमा गोपाल गौशाला के संचालक शिवेंदु शेखर वर्मा तथा उनकी बहन प्रीति रंजन शशि बाला और उन्होंने दो कर्मी सुनील उरांव तिर्की तथा सिकंदर कच्छप को अपने खर्च पर रखा है। पांच लोग मिलकर गौशाला की देखरेख नि:स्वार्थ भाव से करके मवेशियों की मदद करते हैं।

उन्होंने बताया कि इसमें एक भी मवेशी दुधारू नहीं है, अगर कोई गौशाला चलाने के लिए इन्हें जमीन दान करेंगे तब भवन तथा चाहार दीवारी निर्माण के लिए जीव जंतु कल्याण बोर्ड के बैठक में उपायुक्त महोदय से आग्रह किया जाएगा। सबसे सुखद: स्थिति यह है कि मुस्लिम समुदाय के लोग इन लोगों को दुर्घटना से घायल मवेशी को लाकर पहुंचाते हैं। जिस जमीन पर गौशाला चल रहा है यह जमीन भी मुस्लिम व्यक्ति का है। लगभग मवेशी किसी न किसी रोग से ग्रसित है। इनके पास नंदी गाय के अलावा तीन टांग की बाछी तथा कई इलाजरत मवेशी है।

नेक कार्य में दोनों समुदाय का सहयोग : डॉ अनूप

डॉ अनूप विलियम लकडा ने बताया कि इस नेक कार्य में मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति के द्वारा जमीन गौशाला चलाने के लिए दी गयी है। जो काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि संचालक को जमीन की व्यवस्था दानदाता कर देंगे तब भवन तथा बाउंड्री के लिए प्रस्ताव भेजा जायेगा। ऐसे नि:स्वार्थ भाव से मवेशियों की सेवा करने वाले नेक इंसान को सरकार मदद कर सकती हैं। शिवेंदु शेखर वर्मा ने बताया कि गौशाला का संचालन दो साल से किया जा रहा है। हर माह 90 हजार रुपये खर्च होते हैं।

सतबरवा में दो दिन मनाया गया जितिया का पर्व

पलामू: सतबरवा प्रखंड के गांवों में शनिवार व रविवार को माताओं ने अपने बच्चों की सलामती के लिए प्रार्थना की। इस दौरान माताओं ने 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत की।

काली मंदिर के पुजारी पंडित सुनील पाठक ने वर्ती महिलाओं को कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि मां के आशीर्वाद से उनके संतान फलते फूलते हैं। मां को संतान से प्रिय कोई वस्तु नहीं होती है। ऐसे भी एक कहावत है किसी बड़े तथा बच्चों के ऊपर बड़ा हादसा आने के बाद टल जाता है तो कहा जाता है की तोर माई खैर जितिया करले हलउ।

इधर जेएसएलपीएस की सखी संवाददाता प्रीति गुप्ता ने जितिया का पर्व रखकर अपने संतान तथा घर के सदस्यों के लिए बहगवां से प्रार्थना की तथा हर समय सुख: समृद्धि की कामना बनी रहने की कृपा ईश्वर से की।

प्रखंड के बकोरिया, तुंबागड़ा, रांकीखुर्द, सतबरवा, धावाड़ीह, रेवारातू, सेहरा, चांपी, पोंची, हलुमाड बारीकी मुखिया निरोतमा कुमारी ने अपने संतान के सुख समृद्धि के कामना के लिए जितिया पर्व किया। पारन के बाद लोगों के बीच प्रसाद भी बांटे गये।

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