Breaking :
||तैयारी में जुटे छात्र ध्यान दें: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने एक दर्जन प्रतियोगी परीक्षाओं के विज्ञापन किये रद्द||झारखंड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की तिथि घोषित, जानिये…||लातेहार: अज्ञात अपराधियों ने नावागढ़ गांव में की गोलीबारी, पुलिस कर रही जांच||धनबाद आशीर्वाद टावर अग्निकांड: दीये की लौ ने लिया शोला का रूप, 10 महिलाओं समेत 16 ज़िंदा जले||31 जनवरी से सात फरवरी तक आम लोगों के लिए खुला राजभवन गार्डन||हेमंत ने जमशेदपुर वासियों को दी सौगात, जुगसलाई ओवरब्रिज का किया उद्घाटन||जमशेदपुर-कोलकाता विमान सेवा का शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने कहा- सभी जिलों को हवाई सेवा से जोड़ने की तैयार की जा रही कार्ययोजना||पलामू में हल्का कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार||पाकुड़: मूर्ति विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने जुलूस पर किया पथराव||हजारीबाग: पुआल में लगी आग, दो मासूम बच्चे जिंदा जले, पुलिस जांच में जुटी

प्रसव के बाद महिला की मौत का मामला, परिजनों के हंगामें के बाद 3 डॉक्टर समेत कई स्वास्थ्य कर्मियों पर मामला दर्ज

पलामू : मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मेडिकल स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 27 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद महिला की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा किया। जिसके बाद मेदिनीनगर टाउन थाने में गायनी वार्ड के तीन डॉक्टरों, नर्सों समेत कई स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ शिकायत की गई थी।

सभी के खिलाफ मेदिनीनगर टाउन थाने में आईपीसी की धारा 4/5 304ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। सभी पर इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप है।

मृतक अंजलि देवी के पति विनोद चौरसिया की अर्जी के आधार पर सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। प्राथमिकी के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

डॉ विजेता, डॉ प्रीति, डॉ आकाश, जीएनएम सत्यवादा, एनएम सीमा कुमारी, ओटी सहायक रानी, ​​दाई ज्योति कुमारी और जीएनएम कुसुम सांगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 26 अप्रैल को अंजलि देवी को प्रसव के लिए मेदिनराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

क्या है पूरा मामला

मालूम हो कि लातेहार जिले के मनिका के विनोद चौरसिया की पत्नी अंजलि देवी को 26 अप्रैल की देर रात प्रसव के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने मंगलवार सुबह छोटा ऑपरेशन के जरिए उसका प्रसव कराया। अंजलि देवी ने एक बच्चे को जन्म दिया।

बताया जाता है कि डिलीवरी के बाद तेजी से ब्लीडिंग होने लगी। डॉक्टरों ने महिला के परिजनों से खून की व्यवस्था करने को कहा था। दो यूनिट रक्त भी दिया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की हालत बिगड़ने लगी। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रांची रेफर कर दिया। रांची जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।

मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन धरने पर बैठ गए। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले में अलग से जांच टीम का गठन किया है। जबकि शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड ने किया।