Breaking :
||गुमला में लूटपाट करने आये चार अपराधी हथियार के साथ गिरफ्तार||रांची में वाहन चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद||लोहरदगा में धारदार हथियार से गला रेतकर महिला की हत्या||पलामू समेत झारखंड के इन चार लोकसभा सीटों के लिए 18 से शुरू होगा नामांकन, प्रत्याशी गर्मी की तपिश में बहा रहे पसीना||रामनवमी के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले आपत्तिजनक पोस्ट पर झारखंड पुलिस की पैनी नजर, गाइडलाइन जारी||झारखंड: प्रचार करने पहुंचीं भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा का विरोध, भाजपा और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच झड़प||झारखंड में 20 अप्रैल को जारी होगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट||कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग से आदिवासी समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी||लातेहार: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीसी ने रामनवमी जुलूस निकालने वाले मार्गों का किया निरीक्षण||पलामू: तेज रफ़्तार कार और बाइक की टक्कर में युवक की मौत
Monday, April 15, 2024
पलामूपलामू प्रमंडल

मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल की दुर्दशा के खिलाफ पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने दिया धरना

पलामू : मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल मेदिनीनगर की दुर्दशा के खिलाफ शुक्रवार की सुबह पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी अस्पताल परिसर में ही धरना पर बैठ गये। उन्होंने अस्पताल की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाया और इसके लिए नीचे से लेकर ऊपर स्तर के कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऊंची-ऊंची बिल्डिंग बना दी गयी हैं लेकिन सुविधा और जिम्मेवारी नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है। डॉक्टर, नर्स और चिकित्साकर्मी कोरम पूरा करते हैं। नतीजा मरीज को सुविधा नहीं मिल पाती। मरीज तड़पते रह जाते हैं। ऐसी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

लातेहार, पलामू और गढ़वा की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

गौरतलब है कि जिले के चैनपुर प्रखंड के चांदो के 45 वर्षीय भूपेंद्र नाथ सिंह को गुरुवार को हार्ड अटैक आया था। उसे एमआरएमसीएच में भर्ती कराया गया लेकिन मरीज को रेफर कर दिया गया। परिजनों ने जब 108 पर कॉल किया तो एंबुलेंस भी नहीं आयी। इससे मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी। इसकी जानकारी पूर्व मंत्री केंद्र त्रिपाठी को गुरुवार की रात में हुई।

सूचना मिलने के बाद पूर्व मंत्री कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना पर बैठ गये। उन्होंने व्यवस्था में बदलाव की मांग की। मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डॉ अनिल सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ आरके रंजन ने पूर्व मंत्री को भरोसा दिलाया कि लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इसके बाद त्रिपाठी ने धरना खत्म किया।