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Sunday, February 25, 2024
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तेतरियाखाड़ कोलियरी में आउटसोर्सिंग का काम कर रही PNML कंपनी के खिलाफ कल से भूख हड़ताल पर बैठेंगे विस्थापित मजदूर

लातेहार : जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल के राजहरा क्षेत्र द्वारा संचालित तेतरियाखाड़ कोलियरी में आउटसोर्सिंग का काम कर रहे पीएनएमपीएल कंपनी द्वारा 18 विस्थापित स्थानीय मजदूरों को हटाये जाने के विरोध में विस्थापित मजदूर नेता गिरधारी यादव के नेतृत्व में निष्कासित मजदूरों ने शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया। कंपनी की मनमानी के खिलाफ एक माह तक धरने पर बैठने के बावजूद उन्हें नौकरी पर बहाल नहीं करने के कंपनी के फैसले के खिलाफ मजदूर कल 7 दिसंबर से भूख हड़ताल पर जायेंगे। जिसका समर्थन बसिया पंचायत की मुखिया बिमला देवी समेत कई पंचायत जनप्रतिनिधियों, बालूमाथ ट्रक ओनर एसोसिएशन ने भी किया है।

कंपनी द्वारा निष्कासित मजदूरों द्वारा लगातार धरना देने और सीसीएल व स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी कंपनी से न्याय नहीं मिलने पर मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल 3 दिसंबर को तेतरियाखाड़ कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी से मिला और 7 दिसंबर से भूख हड़ताल पर बैठने के संबंध में पत्र सौंपा।

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वहीं स्थानीय मजदूरों ने कुछ स्थानीय लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये वही लोग हैं जो कंपनी के लिए काम करते हैं। जिनके द्वारा कंपनी के निदेशक (डायरेक्टर) को गुमराह कर हम गरीब मजदूरों को बेरोजगार कर दिया गया है।

आपको बता दें कि मजदूर नेता गिरधारी यादव के नेतृत्व में नौ मजदूर अपने हक और अधिकार को लेकर कंपनी के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। मजदूरों ने इस भूख हड़ताल की जानकारी क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों, कंपनी के अधिकारियों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपकर दी है।

मालूम हो कि बालूमाथ अंचल अधिकारी विजय तृप्ति कुजूर ने भी कर्मियों की मांग का समर्थन किया है। इस संबंध में अंचल अधिकारी ने कंपनी के अधिकारियों से भी बात की और पहले तो कंपनी के अधिकारी श्रमिकों की मांग पर सहमत हो गये लेकिन बाद में निष्कासित श्रमिकों के हित में मांग करने के बावजूद उन्होंने इनकार कर दिया। इससे पता चलता है कि कंपनी के अधिकारियों और कंपनी के बीच कितनी लंबी पहुंच है कि वे क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी के साथ-साथ मजदूर हित का मुद्दा उठाने वाले मजदूर नेता की भी बात सुनने से इनकार कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक निकाले गये कर्मचारी कंपनी के गलत कामों का विरोध करते थे जिसके चलते उन्हें कंपनी से बाहर निकाल दिया गया है। अगर कंपनी द्वारा किये गये और किये जा रहे कार्यों की गहन जांच की जाये तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आयेंगे। साथ ही एक बड़ा घोटाला भी सामने आ सकता है।

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