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Tuesday, June 18, 2024
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लातेहार: बालूमाथ प्रखंड प्रमुख ने किया बालू स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, लटका मिला ताला

लातेहार : शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे बालूमाथ प्रखंड के बालू गांव स्थित आयुष सह हेल्थ वेलनेस सेंटर का निरीक्षण बालूमाथ प्रखंड प्रमुख ममता देवी ने किया। इस दौरान केंद्र पर ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई भी कर्मी मौजूद नहीं मिला।

इस संबंध में बालूमाथ प्रखंड प्रमुख ममता देवी ने कहा कि उन्हें ग्रामीणों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि लंबे समय से केंद्र में चिकित्सक तैनात रहने के बावजूद वे चिकित्सा केंद्र पर नहीं बैठते हैं। जिससे ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं, जो ग्रामीण मरीजों का आर्थिक शोषण करते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस केंद्र में आयुष चिकित्सक के रूप में डॉ. आलोक कुमार को पदस्थापित किया गया है। लेकिन वह केंद्र में नहीं रहते हैं। जिससे ऐसे लापरवाह एवं कर्तव्य विहीन चिकित्सकों के कारण बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गयी है।

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प्रखंड प्रमुख ममता देवी ने कहा कि राज्य सरकार के साथ-साथ विभाग से जुड़े अधिकारियों को भी इसकी जानकारी देकर ऐसे लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जायेगी।

गौरतलब है कि चिकित्सा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी हैल्थ वेलनेस सेंटरों पर ग्रामीणों को निःशुल्क दवा वितरण के लिए लाखों रुपये की दवायें उपलब्ध करायी गयी है। लेकिन चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही के कारण क्षेत्र के गरीब व मासूम लोगों को उन दवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस संबंध में बालूमाथ के चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रकाश बढ़ाइक ने बताया कि आज बालूमाथ के धाधू गांव में आयोजित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में बालू गांव स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर के दो कर्मचारियों को प्रतिनियुक्त किया गया था। जबकि एक अन्य कर्मचारी क्षेत्र में प्रशिक्षण के कारण अनुपस्थित थे, उन्होंने केंद्र से गायब आयुष चिकित्सक के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और कहा कि वह प्रखंड चिकित्सा प्रभारी की बातों को नहीं मानते।

प्रखंड प्रमुख ममता देवी ने कहा कि क्षेत्र में ऐसे लापरवाह चिकित्सकों के कारण यहां के लोगों को सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मैं इस पंचायत का पंचायत समिति सदस्य भी हूं और बालूमाथ प्रखंड का प्रमुख भी, लेकिन इसकी जानकारी नहीं है कि इस केंद्र पर कोई डॉक्टर तैनात है। इससे समझा जा सकता है कि इस क्षेत्र में ऐसे चिकित्सक की क्या भूमिका रही होगी। जबकि बालू गांव से बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय की दूरी 15 किलोमीटर है, ऐसे में इस क्षेत्र के ग्रामीण लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है, यानी वे सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।