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सूखे की स्थिति का जायजा लेने लातेहार पहुंचे कृषि निदेशक, कहा- जिले के 5 प्रखंड सूखे से बुरी तरह प्रभावित

क़ृषि निदेशक व उपायुक्त ने जिले में सुखाड़ की स्थिति से निपटने को लेकर की बैठक

लातेहार : जिला अंतर्गत सुखाड़ की स्तिथि से निपटने को लेकर आज समाहरणालय सभागार में कृषि निदेशक निशा उरांव एवं उपायुक्त भोर सिंह यादव की संयुक्त अध्यक्षता में महत्त्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में क़ृषि निदेशक ने कहा इस वर्ष जिले में विगत वर्षों की तुलना में काफ़ी कम बारिश हुई है। जिसका जिले में धान रोपाई में असर पड़ा है। लातेहार जिले में अबतक 22 फीसदी ही धान रोपनी हुई है।

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आगे उन्होंने कहा कम बारिश की वजह से लातेहार जिले के 5 प्रखंड सूखे से गंभीर प्रभावित हैं तथा शेष 4 प्रखंड सूखे से मध्यम प्रभावित हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को सूखे एवं इसकी वजह से फसल को क्षति के आंकलन हेतु स्थल निरीक्षण का कार्य बारीकी से करने का निर्देश दिया। सूखे एवं फसल को क्षति के आंकलन के आधार पर ही किसानों को मुआवजा की राशि प्रदान किया जाता है।

आगे उन्होंने बताया कि सुखाड़ के आकलन को लेकर दो तरह के मापदंड अपनाये जा रहे हैं। यह मापदंड ट्रिगर वन और ट्रिगर टू है। उन्होंने कहा कि ट्रिगर वन के तहत फसलों के आच्छादन का रिपोर्ट होता है। ट्रिगर टू के तहत फसलों के अच्छादन, केंद्र सरकार के रिमोट सेंसर आंकड़े और जल संसाधन के रिपोर्ट के आधार पर सुखाड़ तय किया जाता है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान हालात और ट्रिगर टू के मापदंडों के तहत झारखंड के 200 प्रखंड सुखाड़ के दायरे में है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

बैठक में सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक फसलों की खेती, रबी फसलों की खेती हेतु बीजों की ससमय आपूर्ति, फसल विविधता को बढ़ावा देने, झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना एवं झारखण्ड क़ृषि ऋण माफ़ी योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा किया गया।

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क़ृषि निदेशक ने आगे बताया कि बिरसा बीज योजना के तहत किसानों को चना, सरसों इत्यादि फसलों के बीज 100 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाएगा। बीज विनिमय योजना के तहत किसानों को गेंहूँ, मसूर इत्यादि फसलों के बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा इन दोनों योजना के तहत सूखा रोधी प्रभेदों के बीज उपलब्ध कराये जायेंगे।

बैठक में उपायुक्त भोर सिंह यादव ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए रबी फसल की खेती के लिए किसानों को ससमय बीज उपलब्ध कराएं। साथ ही किसानों को फसल विविधिता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप, जिला क़ृषि पदाधिकारी रामशंकर प्रसाद सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी संतोष भगत एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।