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पलामू: आनंद मार्ग प्रचारक संघ के आचार्य करुणानंद अवधूत का निधन, शोक

मेदिनीनगर : आनंद मार्ग प्रचारक संघ के वरिष्ठ सन्यासी आचार्य करुणानंद अवधूत का 29 नवंबर को निधन हो गया। वे लगभग 78 वर्ष के थे। बिहार के अररिया में उन्हें अचानक ब्रेन हेमरेज किया जिससे उनकी आकस्मिक मौत हो गयी। 30 नवंबर को आनंद मार्ग के केंद्रीय कार्यालय आनंद नगर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इनके निधन से पूरे आनंदमार्गियों में शोक की लहर है।

रविवार को नई मोहल्ला स्थित आनंदमार्ग जागृति में मेदिनीनगर के आनंदमार्गी एकत्रित होकर बाबा नाम केवलम कीर्तन भजन किया। कीर्तन के बाद दो मिनट का मौन रखकर आचार्य करुणानंद अवधूत के निधन पर शोक व्यक्त किया।

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मौके पर वरिष्ठ आनंद मार्गी जगन्नाथ ने उन्हें एक कर्मठ, विद्वान व समर्पित सन्यासी बताया। उन्होंने कहा इनके द्वारा आनंद मार्ग में किए गए प्रचार-प्रसार व सेवा मुलक कार्य को आनंद मार्ग के इतिहास में याद किया जाएगा।

वरिष्ठ आनंदमार्गी श्री बैजनाथ ने कहां की आचार्य करुणानंद अवधूत सेवा धर्म मिशन के ग्लोबल सचिव के पद पर भी रहे चुके है। उन्होंने यूरोप के वर्लीन सेक्टर में 10 वर्ष रहकर आनंद मार्ग का प्रचार प्रसार किया था। इसके अलावा उन्होंने हांगकांग सहित कई देशों में आनंद मार्ग का प्रचार प्रसार पूरे तत्परता के साथ किया।

सीनियर आनंदमार्गी एडवोकेट लक्ष्मण सिंह ने कहा कि उनके निधन से आनंद मार्ग संगठन कि जो अपूरणीय क्षति हुई है उसकी भरपाई मुश्किल है और यह कहा जा सकता है कि उनके जैसा वरिष्ठ, कर्मठ, विद्वान और समर्पित सन्यासी के जाने से संगठन का एक युग समाप्त हो गया है।

वरिष्ठ मार्गी विश्वनाथ ने कहा कि आनंद मार्ग प्रचारक संघ शुरू से ही विश्वस्तरीय योजना बनाकर धर्म का प्रचार प्रसार कर रहा है। मार्ग गुरुदेव श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने पूरी दुनिया को 9 सेक्टर में बांटा है। करुणानंद ने लगभग 90 देशों में घूम घूम कर वहां के हजारों लोगों को साधना सिखाया। करुणानंद गुरु श्री श्री आनंदमूर्ति जी की काफी प्रिय थे।

इनके निधन पर आचार्य सिद्धार्थआनंद अवधूत, भुक्ती प्रधान मधेस्वेर, देवनाथ, सरोज, मणिकांत, प्रदीप, जगदीश, अमरेश, दीपक, प्रयाग, करुणा करण, रेनू, पूनम, मुन्नी, उर्मिला, चांदनी आदि सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है।