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श्रीलंका हुआ दिवालिया घोषित, अब नहीं चुका पायेगा बचा हुआ क़र्ज़

श्रीलंका बहुत बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इसी बीच श्रीलंका ने मंगलवार को खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। श्रीलंका ने घोषणा की है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का बकाया 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज को नहीं चुका पाएगा।

पर्यटन के ठप होने से कर्ज में डूबे

श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र की बड़ी भूमिका है, लेकिन कोरोना के प्रभाव से यह ठप हो गया है। पर्यटन देश के लिए विदेशी मुद्रा का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत है। इसके कमजोर होने से देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली हो गया है।

लगभग 5 लाख श्रीलंकाई सीधे तौर पर पर्यटन पर निर्भर हैं, जबकि 20 लाख अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। श्रीलंका के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का योगदान 10% से अधिक है। श्रीलंका को सालाना करीब 5 अरब डॉलर (करीब 37 हजार करोड़ रुपये) की विदेशी मुद्रा पर्यटन से मिलती है।

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बढ़ते कर्ज ने डूबायी लुटिया

श्रीलंका की आज की बुरी आर्थिक स्थिति का सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक है – इसका तेजी से बढ़ता विदेशी कर्ज। अभी से एक साल पहले श्रीलंका पर कुल 3500 करोड़ डॉलर का कर्ज था, जो सिर्फ एक साल में बढ़कर 5100 करोड़ डॉलर हो गया है।

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