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Monday, May 20, 2024
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RBI ने रेपो रेट बढ़ाया, अब लोन होगा महंगा, महंगाई होगी कम, जानिए कैसे

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बढ़ती महंगाई को कम करने के लिए करीब दो साल बाद रेपो रेट बढ़ा दिया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार दोपहर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके रेपो रेट में 0.40 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की। बढ़ने के बाद अब रेपो रेट 4 फीसदी की बजाए 4.40 फीसदी हो गई है। आपको बता दें कि आरबीआई ने मई, 2020 के बाद से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।

रेप रेट से कैसे नियंत्रित होती है महंगाई दर

आपको बता दें आरबीआई रेपो रेट को कम या ज्यादा करके महंगाई दर को नियंत्रित करता है। जैसे कि अगर देश में महंगाई दर ज्यादा हो तो आरबीआई रेपो रेट को बढ़ा देती है। इससे बैंकों से मिलने वाले सभी लोन के दर बढ़ जाते हैं। बैंकों के दर बढ़ जाने से लोन महंगा हो जाता है और लोन महंगा होने से लोगों के पास पैसे कम हो जाते हैं। अगर लोगों के पास पैसे अगर कम हो गए तो बाजार में रौनक नहीं रहती। वस्तुओं की मांग कम हो जाती है। इससे महंगाई भी कम हो जाती है।

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महंगाई रोकने के लिए बढ़ाया रेपो रेट

गवर्नर ने कहा कि कोरोना के समय बाजार में रौनक नहीं थी। इस वजह से आरबीआई ने उस समय रेपो रेट को काफी निचले स्तर पर कर दिया था। जिससे कि लोग बैंकों से ज्यादा से ज्यादा लोन ले और मार्केट में पैसा लगाएं। जिससे कि भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर वापस आ सके। लेकिन 2 साल के बाद अभी खुदरा महंगाई 7 फीसदी के आसपास चल रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट को 0.40 फीसदी बढ़ा दिया है।

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आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि पिछले 2 साल से कोरोना महामारी से बाजार जूझ रहा था। इस दौरान सारी तरह की सहूलियत दी गई थी। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और महंगाई का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ग्लोबल मार्केट में ना सिर्फ वस्तुओं के दाम बढ़ लगातार बढ़ रहे हैं, बल्कि सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा है। ऐसे हालात में रेपो रेट बढ़ाना ही एकमात्र समाधान है। ऐसे में हमें रेपो रेट की बढ़ोतरी करनी पड़ी। इस कदम से खुदरा महंगाई को रोकने में मदद मिलेगी।

रेपो रेट से लोन का संबंध

आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने से बैंकों द्वारा लोन का ब्याज दर भी अब बढ़ा दिया जाएगा। रेपो रेट वह दर होता है जिस पर सभी बैंक आरबीआई से लोन लेते हैं और उससे कुछ बढ़ी हुई दर पर वह बैंक लोगों को होम लोन, ऑटो लोन वगैरह देते हैं। अब चूँकि रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई है, तो ग्राहकों को मिलने वाला लोन का ब्याज दर भी उसी अनुसार बढ़ा दिया जाएगा।

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बैंकों का CRR भी 0.5 % बढ़ाया

आरबीआई के गवर्नर ने यह भी बताया कि बाजार में मौजूद एक्स्ट्रा लिक्विड मनी को घटाने के लिए बैंकों का कैश रिजर्व रेश्यो भी 0.5% बढ़ा दिया गया है। अब कैश रिजर्व रेश्यो फिर से 4.5% हो गया है। आरबीआई के इस कदम से बाजार में मौजूद करीब 83711 करोड रुपए की अतिरिक्त लिक्विड मनी बैंकों में वापस आ जाएगा। इससे महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

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देश में आर्थिक स्थिरता जरुरी

गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहां की मौजूदा संकट की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था मुसीबत में दिख रही है। सभी देशों में महंगाई चरम पर है। सभी देशों के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर महंगाई को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। रेपो रेट बढ़ने से जो महंगाई कम होगी । इससे देश में आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी।

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