Breaking :
||लातेहार: बालूमाथ में विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप||लातेहार: मनिका में सड़क निर्माण स्थल पर उग्रवादियों का हमला, JCB मशीन में लगायी आग||वेतन नहीं मिलने से नहीं हुआ बेहतर इलाज, गढ़वा में DRDA कर्मी की मौत||लातेहार: हेरहंज में पेड़ से गिरकर युवक की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल||लातेहार: सड़क दुर्घटना में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम||लातेहार: महुआडांड में आदिवासी महिला से दुष्कर्म के बाद बनाया वीडियो, वायरल करने व जान से मारने की धमकी||लातेहार: चंदवा पुलिस ने अभिजीत पावर प्लांट से लोहा चोरी कर ले जा रहे पिकअप को पकड़ा, एक गिरफ्तार||लातेहार: महुआडांड़ में बस और बाइक की जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौत, एक गंभीर, देखें तस्वीरें||पलामू: मनरेगा कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में दो जेई सेवामुक्त, एक पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश||हेमंत सरकार पर जमकर बरसे अमित शाह, उखाड़ फेंकने का आह्वान

लोहरदगा में एक लाख के इनामी माओवादी ने किया आत्मसमर्पण

लोहरदगा : एक लाख रुपये इनामी भाकपा-माओवादी नक्सली एरिया कमांडर जतरू खेरवार ने आज पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। लोहरदगा जिले के पेशरार थाना के पुतरार गांव निवासी इस नक्सली के खिलाफ सेरेंगदाग और पेशरार थाना में कई मामले दर्ज हैं।

लोहरदगा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरकार की सरेंडर नीति की नई दिशा के तहत नक्सली ने उपायुक्त डॉ. वाघमारे प्रसाद कृष्ण व एसपी आर. रामकुमार व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया।

रांची की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

इस मौके पर एसपी ने कहा कि झारखंड सरकार ने राज्य को नक्सल मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। झारखंड पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशानुसार झारखंड पुलिस इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई करने का लगातार प्रयास कर रही है।

पुलिस को इस दिशा में लगातार सफलता भी मिल रही है। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण समर्पण नीति ”नई दिशा” भी नक्सली संगठनों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। नतीजतन भाकपा-माओवादी समेत कई प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के नक्सली पुलिस के सामने सरेंडर कर रहे हैं।

पुलिस द्वारा हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान ‘डबल बुल’ के बाद नक्सलियों ने पुलिस के बढ़ते दबाव और नक्सली संगठन के आंतरिक शोषण और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर दिया। जतरू खेरवार के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उसे न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

सरेंडर के बाद सरकारी प्रावधान के तहत मौके पर ही जतरू खेरवार को राशि दे दी गयी। शेष सुविधाएं प्रावधान के तहत उपलब्ध होंगी। इस मौके पर ऑपरेशन डीएसपी दीपक पांडे, एसडीपीओ बीएन सिंह, डीएसपी मुख्यालय परमेश्वर प्रसाद के अलावा सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे।