Breaking :
||नहीं रहे ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नव किशोर दास, इलाज के दौरान तोड़ा दम||दुमका में मूर्ति विसर्जन के दौरान जय श्री राम के नारे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प||मुख्यमंत्री ने लातेहार के कार्यपालक अभियंता पर अभियोजन चलाने की दी स्वीकृति||1932 के खतियान आधारित स्थानीयता वाले विधेयक को राज्यपाल ने लौटाया, कहा- सरकार वैधानिकता की करे समीक्षा||भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने किया पतरातू गांव का दौरा, घटना की CID जांच की मांग||लातेहार: मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों में भिड़ंत, गांव पहुंचे विधायक और एसपी, माहौल तनावपूर्ण||ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री पर जानलेवा हमला, कार से उतरते ही ASI ने मारी गोली||मनिका: करोड़ों की लागत से हो रहे सड़क निर्माण में धांधली, बालू की जगह डस्ट से हो रही ढलाई||पड़ताल: गांव के दबंग ने ज़बरन रुकवाया PM आवास का निर्माण, 4 सालों से सरकारी बाबुओं के कार्यालय का चक्कर लगा रहा पीड़ित परिवार||लातेहार: बंद पड़े अभिजीत पावर प्लांट के सुरक्षा गार्ड की संदेहास्पद मौत, जांच जारी

बेतला नेशनल पार्क में पर्यटक जल्द देख सकेंगे बाघ

लातेहार और पलामू में अवस्थित बेतला नेशनल पार्क  आने वाले पर्यटकों को अब बाघ देखने की गारंटी होगी. प्रबंधन द्वारा इस साल के अंत तक टाइगर सफारी की शुरुआत कर दी जाएगी. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. पीटीआर द्वारा इस बाबत नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलने की संभावना है. इसो लेकर पीटीआर के बेहतरी के लिए चयनित विशेषज्ञों की टीम बेतला के दौरा पर हैं.

लातेहार की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

एक बाघ और दो बाघिन को जगंल में छोड़ा जाएगा

जानकारी देते हुए पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने बताया कि टाइगर सफारी के एक बाघ और दो बाघिन को बेतला नेशनल पार्क के 50 हेक्टेयर के घेराबंद जंगल में छोड़ा जाएगा. इस घेराबंदी के अंदर उन बाघों के लिए उपयुक्त वातावरण के अन्य जंगली जीवों को बाघों के शिकार के लिए छोड़ा जाएगा. इस कारण निश्चित रूप से बाघ दिखेंगे.

पलामू की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

पर्यटकों को दिखेंगे बाघ

उन्होंने कहा कि आनेवाले टूरिस्ट बाघ को देखना चाहते हैं, लेकिन पीटीआर के खुला जंगल होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाता है. जिसके कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है. इसलिए प्रबंधन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पर्यटकों को निश्चित रूप से बाघ दिखे. इसके लिए कोई ऐसी व्यवस्था की जाए.