Breaking :
||झारखंड में 20 अप्रैल को जारी होगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट||कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग से आदिवासी समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी||लातेहार: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीसी ने रामनवमी जुलूस निकालने वाले मार्गों का किया निरीक्षण||पलामू: तेज रफ़्तार कार और बाइक की टक्कर में युवक की मौत||लातेहार: बारियातू में पेड़ से लटका मिला महिला का शव, जांच में जुटी पुलिस||गुमला में TSPC के चार उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार और जिंदा कारतूस समेत अन्य सामान बरामद||चतरा: नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, दो सिलेंडर बम बरामद||मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की जमानत याचिका खारिज, पत्नी व पिता को भी नहीं मिली राहत||नहाय खाय के साथ सूर्योपासना का चार दिवसीय चैती छठ महापर्व शुरू||लातेहार: चुनाव प्रशिक्षण में अनुपस्थित 56 मतदान कर्मियों को मिला आखिरी मौका, उपस्थित नहीं हुए तो होगी कार्रवाई
Sunday, April 14, 2024
पलामू प्रमंडलबालूमाथलातेहार

बालूमाथ में जंगली हाथियों का आतंक, स्कूल शौचालय, कार्यालय के साथ पोल्ट्री फार्म को किया नष्ट

शशि भूषण गुप्ता/बालूमाथ

लातेहार : बालूमाथ थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों ने एक बार फिर अपना आतंक मचाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार की देर रात बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय से सटे तसतवार ग्राम स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पास बिरनी यादव के पोल्ट्री फार्म को तहस-नहस कर दिया l

जबकि इसी गांव से कुछ दूरी पर स्थित चेतुआग ग्राम अंतर्गत करमटाड़ में जमकर उत्पात मचाया। जहां जंगली हाथियों ने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बालक बालिका के शौचालय को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। जबकि विद्यालय के पाकशाला और कार्यालय के खिड़की और दरवाजे तोड़कर 3 बोरी चावल खाया और नष्ट कर दिया ।

लातेहार की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

इसी दौरान हाथियों ने विद्यालय से कुछ दूरी पर स्थित बाबूलाल गंझू के घर को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंचाई। जंगली हाथियों द्वारा किए गए हमले के दौरान बिरनी यादव एवं उसके पुत्र गंगाधर यादव तथा बाबूलाल गंझू ने किसी तरह से भाग कर अपनी जान बचाई और राहत की सांस ली।

लातेहार की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

इधर जंगली हाथियों द्वारा पुनःआतंक मचाए जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव के ग्रामीण समय रहते नहीं जगते तो विद्यालय और आसपास के घरों के साथ-साथ जानमाल की काफी क्षति होती।