Breaking :
||लातेहार: मनिका में सड़क निर्माण स्थल पर उग्रवादियों का हमला, JCB मशीन में लगायी आग||वेतन नहीं मिलने से नहीं हुआ बेहतर इलाज, गढ़वा में DRDA कर्मी की मौत||लातेहार: हेरहंज में पेड़ से गिरकर युवक की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल||लातेहार: सड़क दुर्घटना में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम||लातेहार: महुआडांड में आदिवासी महिला से दुष्कर्म के बाद बनाया वीडियो, वायरल करने व जान से मारने की धमकी||लातेहार: चंदवा पुलिस ने अभिजीत पावर प्लांट से लोहा चोरी कर ले जा रहे पिकअप को पकड़ा, एक गिरफ्तार||लातेहार: महुआडांड़ में बस और बाइक की जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौत, एक गंभीर, देखें तस्वीरें||पलामू: मनरेगा कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में दो जेई सेवामुक्त, एक पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश||हेमंत सरकार पर जमकर बरसे अमित शाह, उखाड़ फेंकने का आह्वान||NDA प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने किया नामांकन, बोले सुदेश हेमंत सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, झूठ और वादों को तोड़ने के मुद्दे पर होगा चुनाव

बालूमाथ में हुआ प्रत्याशियों का व्यय लेखा पंजीकरण, प्रेक्षक ने किया निरीक्षण

शशि भूषण गुप्ता/बालूमाथ

लातेहार : राज्य में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र में 24 मई को मतदान होना है। इस पंचायत चुनाव में बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र से भाग लेने वाले मुखिया एवं वार्ड सदस्य प्रत्याशियों का बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रखंड निर्वाचन केंद्र में व्यय लेखा पंजीकरण का सत्यापन किया गया।

सत्यापन करने का कार्य मुखिया पद के लिए प्रखंड निर्वाचित पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी आफताब आलम, वार्ड सदस्य पद के लिए प्रखंड निर्वाचित पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी राजश्री ललिता बाखला ने किया।

इस दौरान प्रतिनियुक्त किए गए सहायक निर्वाचित पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान प्रत्याशियों द्वारा 19 मई तक खर्च की गई राशि का विवरण प्रस्तुत किया गया।

लातेहार की ताज़ा ख़बरें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

वही प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत किए गए विवरनी का सत्यापण के दौरान झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के व्यय प्रेक्षक नीरज कुमार ने औचक निरीक्षण किया और संबंधित प्रत्याशियों व प्रखंड निर्वाचित पदाधिकारी को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ लातेहार डीआरडीए के लेखापाल गोविंद रत्नाकर मुख्य रूप से मौजूद रहे।