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चुआड़ी का गंदा पानी पीने को विवश हैं दर्जनों आदिवासी परिवार, कई सालों से झेल रहे है परेशानी

गोपी कुमार सिंह/गारू

लातेहार : ज़िले के गारू प्रखंड अंतर्गत कारवाई पंचायत के दलदलिया टोला के ग्रामीण पीने के पानी के लिए भारी किल्लत झेल रहे है.पानी की यह समस्या विगत लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन गांव की इस मूलभूत समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है।

इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वह गांव के मुखिया, वार्ड सदस्य समेत कई अन्य लोगो को अवगत करा चुके है। लेकिन सालों से इस समस्या का सामना कर रहे ग्रामीणों को कोई राहत नही मिली है।

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इस संबंध में स्कूली छात्रा प्रतिभा कुमारी एवं सुरमा कुमारी ने बताया कि गांव में शुद्ध पेयजल के लिए सरकार के द्वार कोई प्रबंध नही किया गया है। गांव में न ही सोलर आधारित जलमीनार है और न ही कुआ और चापाकल लिहाज़ा ग्रामीण गांव के अंतिम छोर पर बहती नदी में बनाये गए चुआड़ी का गंदा पानी पीने को विवश हैं।

आगे बताया कि इस गंदा पानी को पीने से कई लोग विभिन्न बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। जबकि कई लोगों के बीमार होने की आशंका हर वक्त बनी रहती है। लेकिन आदिवासियों के हित का दम्भ भरने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार इस मामले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर दिखाई नही दे रही है। जबकि गांव के दर्जनों आदिवासी परिवारों को शुद्ध पानी तक नसीब नही हो रहा है। वे चुआड़ी का गंदा पानी पीने को लाचार है।

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बहरहाल जब देश दुनिया मे सबकुछ डिजिटल हो रहा है। उस दौर में अगर किसी गाँव के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल तक भी मुहैया नही हो रहा है तो उस राज्य और वहां की सरकार के लिए इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है।