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अनियमितता: बिचौलियों की भेंट चढ़ा सरकारी राशि से बना सामुदायिक शौचालय, सड़क से 5 फ़ीट की गहरायी में हुआ निर्माण

गोपी कुमार सिंह/गारू

लातेहार : ज़िले के गारू प्रखंड में सरकार योजनाओं में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का मामला थमने का नाम ही नही ले रहा है। यहां हर दिन एक नई कालगुजारी सामने आना आम बात हो गयी है।

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दरअसल, गारू प्रखंड अंतर्गत रुद गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण कराए जा रहे सामुदायिक शौचालय में भारी अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। गांव के लोगों ने सामुदायिक शौचालय भवन की स्तिथि देखकर कड़ी आपत्ति जतायी है। इसका पुरजोर विरोध करते हुए ग्रामीण दोबारा निर्माण कराने की मांग पर अड़े हैं।

निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही दीवार में आई दरार की तस्वीर

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स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। गौरतलब हो कि इस सामुदायिक शौचालय का निमार्ण कराने के लिए सरकार ने तकरीबन 3 लाख रु की राशि तय की है। इस राशि का अधिकांश हिस्सा बिचौलिये निर्माण कार्य को जैसे तैसे पूरा कर राशि गबन करने के फ़िराक में हैं। जिसकी प्रक्रिया भी जलसहिया को गुमराह कर शुरू कर दी गयी है।

टूटी-फूटी संडास की तस्वीर

प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जारी है सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य, हर जगह लापरवाही

जानकारी देते चले की गारू प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों दर्जनों की संख्या में तकरीबन 3 लाख की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन योजना के इस्टीमेट के मुताबिक कार्य नही किया जा रहा है। जिसे लेकर रुद गांव के ग्रामीणों ने निर्माणधीन सामुदायिक शौचालय भवन का विरोध किया है। इस संबंध में रुद के वार्ड सदस्य पुरन सिंह, सूचित भगत, रमेश भगत, श्यामदेव भगत, शिला देवी समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया की रुद में बन रहे सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गयी है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक शौचालय का योजना स्थल भी गलत जगह चयन किया गया है। सड़क से लगभग 5-7 फिट गड्ढे में शौचालय का निर्माण करा दिया गया है। जो कि ग्रामीणों के किसी उपयोग लायक ही नही है। इधर शौचालय भवन के कार्य में मात्र पांच इंच का दीवार खड़ा किया गया है। लिहाजा इससे पहले की ग्रामीण शौचालय का उपयोग करे, उससे पहले ही दीवार और शौचालय के संडास में दरारें आनी शुरू हो गयी हैं।

जानकारी देती ग्रामीण महिला की तस्वीर

विभाग नही हुआ गंभीर तो जान- माल का भी हो सकता है नुकसान

ग्रामीणों ने बताया कि जिस प्रकार से प्राकलन की अनदेखी कर शौचालय भवन का निर्माण किया गया है। वह कभी भी धराशायी हो सकता है। जिससे ग्रामीणों को जान-माल तक का नुकसान भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि शौचालय का निर्माण कार्य गारू के पिंटू के द्वारा कराया जा रहा है। इधर सूत्रों की माने तो पिंटू पहले भी सैकड़ों शौचालय में गड़बड़ी कर चुका है। बकायदा सबूत के तौर पर इसका प्रमाण भी The News Sense के पास मौजूद है। पिंटू जल सहियाओं को बहला-फुसलाकर उनके हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर शौचालय के निर्माण में मटेरियल की राशि का भुगतान करवाने का हवाला देकर बगैर भुगतान हुए ही पैसे की निकासी कर लेता है।

पूर्व में निर्माण कराए जाने के बाद से ही बेकार पड़े सामुदायिक शौचालय भवन की तस्वीर

बिचौलिये का विभाग के प्रखंड समन्वयक से गहरी साठ-गांठ

लेकिन संबंधित विभाग के प्रखंड समन्वयक राजीव प्रसाद से गहरी साठ-गांठ होने के कारण पिंटू पर कार्रवाई नही होती है। जग-जाहिर है कि प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पूर्व से बने सामुदायिक शौचालयों में या तो ताले जड़े हुए या फिर वो पशुओं के चारागाह में तब्दील हो चुके है। बहरहाल अगर इस मामले की गंभीरता से कड़ी दर कड़ी जांच होती है तो सरकारी राशि का किस हद तक घोटाला किया गया है इसका खुलासा हो सकेगा। ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

शौचालय भवन के निर्माण कार्य के शुरुआती दौर की तस्वीर