Breaking :
||पलामू: शहर में बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर होगी कार्रवाई, रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर रोक||लातेहार: मवेशियों से लदा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त, ग्रामीणों ने एक तस्कर को पकड़ कर किया पुलिस के हवाले, डाल्टनगंज से खरीद कर रांची के मांस कारोबारी को जा रहे थे पहुंचाने||प्रेमिका से वीडियो कॉल पर बात करते प्रेमी ने दे दी जान||लातेहार: बालूमाथ में फिर एक विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी||लातेहार: बालूमाथ में विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप||लातेहार: मनिका में सड़क निर्माण स्थल पर उग्रवादियों का हमला, JCB मशीन में लगायी आग||वेतन नहीं मिलने से नहीं हुआ बेहतर इलाज, गढ़वा में DRDA कर्मी की मौत||लातेहार: हेरहंज में पेड़ से गिरकर युवक की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल||लातेहार: सड़क दुर्घटना में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम||लातेहार: महुआडांड में आदिवासी महिला से दुष्कर्म के बाद बनाया वीडियो, वायरल करने व जान से मारने की धमकी

बालूमाथ: 9 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर गयीं आंगनबाड़ी सेविकायें लौटी वापस

शशि भूषण गुप्ता/बालूमाथ

लातेहार : झारखंड प्रदेश आंगनवाडी वर्क्स यूनियन के तत्वधान में बालूमाथ बाल विकास परियोजना अंतर्गत पड़ने वाले बालूमाथ, बारियातू तथा हेरंज प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर 5 जुलाई से हड़ताल पर चली गई थी। जो आज 18 जुलाई से वापस लौट गई हैं।

इस संबंध में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने इसकी लिखित सूचना मुख्यमंत्री के नाम बालूमाथ स्थित परियोजना कार्यालय के प्रधान सहायक को ज्ञापन सौंपा है।

लातेहार की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

उल्लेखनीय है कि ज्ञापन के माध्यम से 11 माह से लंबित मानदेय तत्काल भुगतान करने के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेविका सहायिका की नियमावली बनाने, समान काम समान वेतन लागू करने, वर्तमान झारखंड सरकार द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी सेविका को 10000 और सहायिका को ₹8000 देने, सेवानिवृत्त होने पर आर्थिक लाभ एकमुश्त ₹500000 तथा पेंशन लागू करने, लघु आंगनबाड़ी सेविकाओं को आंगनबाड़ी सेविका के बराबर मानदेय देने आदि प्रमुख मांगे हैं।

झारखण्ड की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

मौके पर आगनबाडी वर्क्स यूनियन के संगीता देवी, लक्ष्मी देवी, अंजनी देवी, नंदिनी देवी, सुनीता देवी, बबीता देवी, डोली कुमारी समेत काफी संख्या में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका मौजूद थीं।