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वर्ल्ड लिवर डे आज – स्टेरॉयड के सेवन से झारखण्ड में तेज़ी से बढ़ रहे हैं लिवर के मरीज़

वर्ल्ड लिवर डे आज

मानव शरीर में दिमाग के बाद सबसे महत्वपूर्ण अंग लिवर को माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर 500 से भी अधिक कार्यों में सहयोग करता है। स्वस्थ लिवर को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है। कोरोना के बाद झारखंड में फैटी लिवर के मरीज बढ़े हैं। स्टेरॉयड के अधिक इस्तेमाल और कोरोना के प्रभाव के कारण फैटी लिवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है।

इसकी जानकारी देते हुए गैस्ट्रो इंट्रोलाजिस्ट डॉ. अविनाश ने बताया कि झारखंड में लिवर की समस्या के बहुत मरीज हैं। लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस और फैटी लिवर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में फैटी लिवर के मरीजों की संख्या पांच प्रतिशत तक बढ़ी है।

डॉक्टर बोले- कई लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे फैटी लिवर से जूझ रहे हैं

अल्ट्रासाउंड कराने से फैटी लिवर का पता चलता है : डॉ. संगीत सौरव

मेदांता हॉस्पिटल के गैस्ट्रोइंट्रोलाॅजिस्ट डॉ. संगीत सौरव ने बताया कि एक बड़ी आबादी फैटी लिवर की परेशानी से जूझ रही है। इसमें बहुत लोगों को तो पता ही नहीं होता कि उनके लिवर पर फैट जमा हो गया है। अल्ट्रसाउंड कराने पर इसकी जानकारी मिलती है। बताया कि लिवर बहुत से जरूरी हार्मोन्स निकलते हैं। यह शरीर के विषैले पदार्थों को खत्म करने का भी काम करता है। ऐसे में लिवर ही बीमार हो जाए, तो मरीज के लिए स्थिति जानलेवा हो सकती है।

लिवर कैंसर का भी रहता है खतरा

फैटी लिवर में सिर्फ फैट जमा रहता है। आमतौर पर शुरुआत में इससे कोई परेशानी नहीं होती। परेशानी तब होती है, जब लिवर के फंक्शन को फैट प्रभावित करने लगता है। डॉ. संगीत ने बताया कि इसकी वजह से लिवर में सूजन होती है। जैसे-जैसे फैटी लिवर का स्टेज बढ़ता है, वैसे-वैसे लिवर में सूजन और सिकुड़न जैसी समस्या होती है। यही लिवर सिरोसिस का कारण बनता है। ये लिवर कैंसर का भी कारण हो सकती हैं। इसलिए, इन्हें पहचाना और इनका इलाज कराना जरूरी है।

जंक फूड व पैक्ड जूस लेन और वॉक नहीं करने से फैटी लिवर के मरीज बढ़े

जंक फूड, रेस्टोरेंट का खाना, पैक्ड जूस, वॉक नहीं करना जैसे कारण फैटी लिवर के मरीज बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि शराब, हड़िया, महुआ का अधिक सेवन भी लिवर सिरोसिस का मुख्य कारण है। वहीं, ब्लड बोर्न बीमारी हेपेटाइटिस का प्रमुख कारण है। इसे स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे बड़ा उपाय है। इस समस्या से निजात पाने के लिए डॉक्टरों ने हर दिन व्यायाम करने की सलाह दी है। वायरल हेपेटाइटिस होने पर विशेषज्ञों ने सही समय पर इलाज कराने की सलाह दी।

फैटी लिवर के ये हैं प्रमुख लक्षण

फैटी लिवर की परेशानी होने पर मरीजों को भूख की कमी, वजन में गिरावट, थकान, कमजोरी और पैरों में सूजन हो सकती है।

आंखों का रंग कम हो जाता है, स्किन पर पीले धब्बे हो जाते हैं

खुजली, भ्रम की स्थिति या फिर पेशाब का रंग गहरा हो जाता है

फैटी लिवर की समस्या होने पर मरीज को पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या सूजन की परेशानी हो सकती है।

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वर्ल्ड लिवर डे