Breaking :
||बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री||आर्थिक तंगी के कारण कोई भी छात्र उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से न रहे वंचित: मुख्यमंत्री||झारखंड में मानसून की आहट, भारी बारिश का अलर्ट जारी||बड़गाईं जमीन घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, जमीन कारोबारी के ठिकाने से एक करोड़ कैश और गोलियां बरामद||पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सेक्शन अधिकारी समेत दो रिश्वत लेते गिरफ्तार||सतबरवा में कपड़ा व्यवसायी के बेटे और बेटी के अपहरण का प्रयास विफल, लातेहार की ओर से आये थे अपहरणकर्ता||लातेहार: एनडीपीएस एक्ट के दोषी को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना||लातेहार सिविल कोर्ट में आपसी सहमति से प्रेमी युगल ने रचायी शादी||लातेहार: किड्जी प्री स्कूल के बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योगाभ्यास||किसानों की समृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : मुख्यमंत्री
Saturday, June 22, 2024
चतराझारखंड

चतरा में दादा-पोते की संदिग्ध मौत, शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम

पुलिस ने चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के गोठाइ गांव के पास से संदिग्ध हालत में दो व्यक्तियों के शव बरामद किए हैं। शव मिलने की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक आपस में दादा और पोते हैं। दादा का नाम सुरेश साहू और पोते का नाम सोनू कुमार है। मृतक दादा और पोता लावालौंग थाना क्षेत्र के लमटा गांव के रहने वाले हैं।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को दोनों मोटरसाइकिल पर जबरा गांव गए थे। सुरेश साहू की बेटी जबरा गांव में रहती है। बेटी से मिलने के बाद दामाद से मिलने की बारी आई। बगरा मोड़-लावालौंग के रास्ते में एक दामाद का होटल है। दादा और पोते ने होटल में नाश्ता किया और शाम करीब पांच बजे बाइक से लमटा गांव के लिए निकले। लेकिन देर रात तक दोनों घर नहीं पहुंचे। सुबह परिजनों को गोठाइ गांव के पास एक पेड़ के नीचे दोनों के शव मिलने की सूचना मिली।

इधर दादा-पोते की संदेहास्पद मौत के बाद ग्रामीणों ने हत्यारे की गिरफ्तारी और 25 लाख मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे सीओ व थाना प्रभारी से वार्ता के बाद जाम हटाया गया।

पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बारिश से बचने के लिए दादा-पोता पेड़ के पास खड़े रहे होंगे और इसी क्रम में वज्रपात हुई होगी। जिससे दोनों की मौत हो गई।

पूर्व अध्यक्ष अमित चौबे ने बताया कि सुरेश साहू एक साधारण व्यक्ति थे। उसकी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। संभव है कि वज्रपात से दोनों की मौत हो गई हो। लेकिन चेहरे पर मारपीट के निशान थोड़ा संदेह पैदा कर रहे हैं।

सिमरिया थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरी स्थिति साफ हो सकेगी।