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साक्षरता विभाग ने शुरू की शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण की प्रक्रिया, जानें पूरी डिटेल

शिक्षक अंतर जिला स्थानांतरण

रांची : शिक्षकों के लिए अंतर जिला स्थानांतरण नियमों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मंजूरी के साथ ही स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अंतर जिला स्थानांतरण के लिए शिक्षकों से आवेदन लिए जाएंगे। इसके लिए अलग से पोर्टल भी बनाया गया है, जहां शिक्षक आवेदन करेंगे। संशोधित नियमों में अंतर जिला स्थानांतरण में गंभीर बीमारी से पीड़ित दिव्यांग, पति-पत्नी और महिला शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। पूर्व शिक्षकों का भी तबादला नहीं किया जाएगा। उन्हें किन परिस्थितियों में अंतर-जिला स्थानांतरण का लाभ मिलना चाहिए, इस पर भी विचार किया जा रहा है।

वर्तमान में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अंतर-जिला स्थानांतरण का आधार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को बनाया गया है। कहा गया है कि जिन शिक्षकों का चयन क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा के लिए किया गया है, उन्हें उसी जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के आधार पर संबंधित जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। राज्य में कई ऐसी क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाएं हैं, जिन्हें एक जिले के साथ-साथ कई जिलों में मान्यता मिली है।

शिक्षक जब अंतर-जिला स्थानांतरण के लिए आवेदन करेंगे, तब वे जिस जनजातीय क्षेत्रीय भाषा में चयनित हुए हैं और जिन जिलों में उक्त क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा को मान्यता दी गई है, वे अपना स्थानांतरण उस जिले में करा सकते हैं।

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बता दें कि प्रदेश में अब तक दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। पहली बार जब 2013 में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी, तब 18 जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा ली गई थी और इन भाषाओं में शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई थी। शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण के लिए सभी जिलों को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है। उनका प्रदर्शन शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण में भी देखने को मिलेगा।

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