Breaking :
||वेतन नहीं मिलने से नहीं हुआ बेहतर इलाज, गढ़वा में DRDA कर्मी की मौत||लातेहार: हेरहंज में पेड़ से गिरकर युवक की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल||लातेहार: सड़क दुर्घटना में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम||लातेहार: महुआडांड में आदिवासी महिला से दुष्कर्म के बाद बनाया वीडियो, वायरल करने व जान से मारने की धमकी||लातेहार: चंदवा पुलिस ने अभिजीत पावर प्लांट से लोहा चोरी कर ले जा रहे पिकअप को पकड़ा, एक गिरफ्तार||लातेहार: महुआडांड़ में बस और बाइक की जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौत, एक गंभीर, देखें तस्वीरें||पलामू: मनरेगा कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में दो जेई सेवामुक्त, एक पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश||हेमंत सरकार पर जमकर बरसे अमित शाह, उखाड़ फेंकने का आह्वान||NDA प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने किया नामांकन, बोले सुदेश हेमंत सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, झूठ और वादों को तोड़ने के मुद्दे पर होगा चुनाव||जमानत अवधि पूरी होने के बाद निलंबित IAS पूजा सिंघल ने किया ED कोर्ट में सरेंडर

किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा KCC, मार्च तक 25.50 लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज के साथ मदद कर रही राज्य सरकार

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड के किसानों को लगातार किसान क्रेडिट कार्ड से कवर करने की प्रक्रिया जारी है। जिसका परिणाम है कि 15 सितंबर 2022 तक प्रदेश में 19,18,511 केसीसी धारक हो चुके हैं। जबकि सितंबर 2021 के बाद 5,34,331 नए केसीसी को मंजूरी दी गयी है। यह किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रदेश के किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है।

केसीसी के माध्यम से किसानों को आसान ब्याज दरों पर खेती के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जहां किसानों को खेती में मदद मिल रही है, वहीं उन्हें साहूकारों के चंगुल से मुक्ति भी मिल रही है। वर्तमान सरकार के प्रयासों से कृषि ऋण में निरंतर सुधार हो रहा है। यही कारण है कि दिसंबर 2019 तक राज्य के गठन के बाद से किसानों के बीच केवल 409 करोड़ रुपये का वितरण किया गया था। जबकि मौजूदा सरकार की ओर से 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी जा चुकी है।

केसीसी के लिए सतत बढ़ते कदम

केसीसी के तहत जून 2021 में 420.74 करोड़, अगस्त 2021 में 581.53 करोड़, अक्टूबर 2021 में 685.16 करोड़, दिसंबर 2021 में 914.2 करोड़ एवं अप्रैल 2022 में 1313.36 करोड़ की राशि बैंक द्वारा स्वीकृत की गई है। वहीं अप्रैल 2022 में 17.76 लाख, सितंबर 2022 में 19.50 लाख किसानों को केसीसी प्रदान किया गया। दिसंबर 2022 तक 22.50 लाख एवं मार्च 2023 तक 25.50 लाख किसानों को केसीसी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

क्या है केसीसी

किसान क्रेडिट कार्ड ऋण किसानों को 7 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध होता है, जिसे समय सीमा के अंदर वापस करने पर 3 प्रतिशत ब्याज भारत सरकार द्वारा माफ किया जाता है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा यहाँ के किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज में मदद की जा रही है। इस प्रकार समय सीमा के अंदर किसान द्वारा ऋण वापस किये जाने पर किसान को मात्र 1 प्रतिशत ब्याज का बोझ पड़ता है। अबतक राज्य सरकार के प्रयास से 8,96,108 किसानों का के.सी.सी. आवेदन पत्र पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर अभियान स्वरूप सृजित किया गया।

किसान योजना का लें लाभ

मुख्यमंत्री के निदेश पर जल्द सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके तहत छुटे हुए किसानों को केसीसी का लाभ दिया जाएगा। फिलहाल घर- घर अभियान चलाकर एवं केसीसी शिविर लगाकर केसीसी से वंचित किसानों को आच्छादित करने की प्रक्रिया चल रही है। मालूम हो कि 23 जून 2022 को राज्य के सभी प्रखंडों में मेगा किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कैंप का आयोजन किया गया। ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित किया जा सके। इससे पहले भी 08 जून 2022 को राज्य के सभी जिलों में जिला स्तर मेगा किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कैम्प का आयोजन किया गया था।

युद्ध स्तर पर किसानों को मुहैया कराया जा रहा केसीसी : कृषि निदेशक

इस संबंध में कृषि निदेशक निशा उरांव ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर युद्ध स्तर पर किसानों को केसीसी मुहैया कराया जा रहा है। कृषक मित्र, एटीएम, बीटीएम एवं वीएलडब्लू टोला-टोला घूम कर किसानों से केसीसी फॉर्म भरवा रहें हैं। फलस्वरूप वर्ष 2021 के बाद से अप्रत्याशित रूप से सबसे अधिक केसीसी आवेदन भरवाए गए हैं।