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झारखण्ड : केंद्रीय विद्यालय के प्रमोट हुए छात्रों को फिर से देनी होगी परीक्षा

झारखण्ड केंद्रीय विद्यालय

झारखंड के 42 केंद्रीय विद्यालयों में क्लास 2 से 9वीं तक के जिन बच्चों को कोरोना काल में प्रमोट किया गया था, उन्हें गर्मी की छुट्टियों से पहले परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा 40 अंकों की होगी। कोरोना काल में इससे पहले बच्चों को 10 दिनों का ब्रिज कोर्स कराया जाएगा।

इधर, परीक्षा को लेकर छात्राें और उनके अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है कि अगर वे फेल हो गए तो उन्हें फिर से निचली कक्षा में ही पढ़ाई करनी होगी। मामले को लेकर भास्कर ने केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य से बात की गई।

केंद्रीय विद्यालय चंद्रपुरा के प्राचार्य कमलेश भुइयां ने कहा कि कोरोना काल में जिन बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई हुई थी। उसमें जो लर्निंग गैप हुआ था, उसे दूर करने के उद्देश्य से 10 दिनों का ब्रिज कोर्स कराया जा रहा है।

अगर परीक्षा में पास नहीं होते हैं तो भी उन्हें जिस क्लास में प्रमोट किया गया है, वे उसी में रहेंगे। ब्रिज कोर्स के बाद 40 अंकों का लर्नर एचीवमेंट टेस्ट लिया जाएगा, ताकि कोरोना काल में जो पढ़ाई का लॉस हुआ है, उसे पूरा किया जा सके।

42 केंद्रीय विद्यालयों में 9वीं तक 34764 बच्चे

झारखंड में कुल 42 केंद्रीय विद्यालय हैं। जिसमें क्लास दो से 9 तक के बच्चों की कुल संख्या 34,764 है। राज्य में स्थित केन्द्रीय विद्यालयों में चक्रधरपुर, मेघाहाताबुरू, एचईसी धुर्वा, हिनू (रांची), दीपाटोली (रांची), नामकुम (रांची), सुरदा(जमशेदपुर), केंद्रीय विद्यालय टाटानगर, केंद्रीय विद्यालय नंबर 1 बोकारो, केंद्रीय विद्यालय नंबर 3 बोकारो, केंद्रीय विद्यालय पश्चिमी सिंहभूम, केंद्रीय विद्यालय मैथन, केंद्रीय विद्यालय भेंडरा गोमो, केंद्रीय विद्यालय रामगढ़, केंद्रीय विद्यालय पतरातू, केंद्रीय विद्यालय हजारीबाग, केंद्रीय विद्यालय कोडरमा, केंद्रीय विद्यालय देवघर, पलामू, लातेहार, गिरिडीह, गुमला, लोहरदगा, मुरी, चंद्रपुरा खूंटी, चाईबासा, गढ़वा, घाटशिला, बीटीपीएस बोकारो, कतरास, भुरकुंडा आदि हैं।

फेल होने पर फिर ब्रिज काेर्स से कराई जाएगी तैयारी

सवाल – विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रमोट हो गए तो पिछली कक्षा की परीक्षा क्यों? जवाब – कोरोना काल में पढ़ाई का लॉस हुआ है, उसे दूर करना मुख्य उद्देश्य है।

सवाल – मैं आठवीं में प्रमोट हुआ हूं, परीक्षा में फेल हो गया तो क्या होगा? जवाब – कुछ नहीं, आप उसी क्लास में रहेंगे। आपको फिर तैयारी करनी होगी।

सवाल – परीक्षा की मार्किंग कैसे होगी? जवाब – बच्चों को नंबर मिलेगा। मार्किंग की जाएगी। यह सिर्फ बच्चों की पढ़ाई की कमी को दूर करने का प्रयास है।

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सवाल – इसकी मार्किंग से मेरी मौजूदा कक्षा या पढ़ाई पर असर तो नहीं पड़ेगा? जवाब -नहीं, कोई असर नहीं पड़ेगा।

सवाल – क्या इसका रिजल्ट भी मिलेगा? जवाब – हां, रिजल्ट मिलेगा, इससे बच्चे उत्साहित होंगे। उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।

सवाल – जो छठी कक्षा से सातवीं में गए हैं, उन्हें क्या दोबारा रिजल्ट मिलेगा? जवाब – बच्चों को उनके रिजल्ट की जानकारी दी जाएगी। – जैसा कि केंद्रीय विद्यालय चंद्रपुरा के प्राचार्य कमलेश भुइयां ने भास्कर काे बताया।

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