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मिथिलेश मेहता की गिरफ्तारी के बाद 25 लाख के इनामी माओवादी मरकस बाबा को बूढ़ा पहाड़ की कमान

Jharkhand Naxal News Update

पलामू: नक्सली मिथिलेश मेहता की गिरफ्तारी के बाद मरकस बाबा उर्फ ​​सौरभ को बूढ़ापहाड़ की कमान मिली है। मरकस बाबा उर्फ ​​सौरभ भाकपा-माओवादी संगठन के बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश कमेटी का सदस्य है।

झारखंड सरकार ने मरकस बाबा पर 25 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। मरकस मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है और 2021 की शुरुआत से ही बूढ़ापहाड़ इलाके में डेरा डाले हुए है। इसके साथ ही कमांडर मिथिलेश मेहता और नवीन यादव की मदद कर रहा था।

जानकारी के मुताबिक एक करोड़ के इनामी नक्सली सुधाकरण के तेलंगाना में सरेंडर करने के बाद मरकस बाबा को कुछ महीने के लिए बूढ़ापहाड़ का प्रभारी बनाया गया था। गौरतलब है कि माओवादी बूढ़ापहाड़ से ही पलामू, गढ़वा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा आदि क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित करते हैं।

मिथिलेश मेहता ने पुलिस को बताया कि बूढ़ापहाड़ पर माओवादी कमांडरों का एक-दूसरे पर से भरोसा उठ गया है। यही वजह है कि झारखंड, बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ की एकीकृत कमान के शीर्ष कमांडर मिथिलेश मेहता की बातों को कई नक्सली कैडर नजरअंदाज कर रहे थे। इससे नाराज होकर मिथिलेश मेहता ने 27 और 28 फरवरी की रात को बूढ़ापहाड़ छोड़ दिया। जिसे बाद उसे गया में गिरफ्तार किया गया था।

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