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Breaking : झारखंड सरकार ने कर्मियों की प्रमोशन पर लगी रोक हटाई, 57 हजार से अधिक पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ

झारखंड सरकार प्रमोशन राज्य के कर्मचारियों के लिए आज एक बड़ी खुशखबरी है। सीएम हेमंत सोरेन ने प्रमोशन पर लगा बैन हटा लिया है।

रांची : झारखंड में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर लगी रोक हटा दी गई है। अब 57 हजार से ज्यादा पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने कुछ शर्तों के साथ पदोन्नति पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। बता दें कि झारखंड विधानसभा में उठाये गये प्रश्न के आलोक में विधानसभा की ओर से विशेष समिति गठित कर मामले की जांच की गयी थी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से विभागीय पत्र 24.12 के माध्यम से पदोन्नति की गयी है।

उस समय यह बात सामने आई थी कि राज्य के कर्मचारियों की पदोन्नति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित कर दिया गया था और सामान्य वर्ग के कनिष्ठ कर्मचारियों को भी पदोन्नत किया गया था। इसके बाद विभाग ने जांच कराई थी, जिसके बाद प्रदेश में करीब डेढ़ साल तक पदोन्नति बाधित रही।

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इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य के सरकारी कार्यालयों में एससी, एसटी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व का डेटा एकत्र करने के लिए पिछले डेढ़ साल पहले पदोन्नति पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस प्रतिबंध के कारण विभिन्न विभागों के विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मियों की पदोन्नति रुक ​​गई है। कई अधिकारी और कर्मचारी उच्च पदों पर पदोन्नति के बिना सेवानिवृत्त हो गए।

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इस बीच, राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव एटीआई एल खियांगते की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। इस समिति को सरकारी कार्यालयों में अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रतिनिधित्व का डेटा एकत्र करने के लिए कहा गया था। समिति ने 8 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसके बाद विभाग ने रिपोर्ट के आधार पर एक बिल लाया और उसमें परिणामी वरीयता के आधार पर एससी-एसटी को बढ़ावा देने की बात कही।

वरीयता-सह-पात्रता के प्रावधान के तहत पदोन्नति पर विचार करते या देते समय, अनारक्षित रोस्टर बिंदु पर पदोन्नति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सरकारी सेवकों के लिए स्वीकार्य होगी जो मूल श्रेणी की मेरिट सूची में वरीयता क्रम में सामान्य वर्ग से ऊपर हैं।

इस क्रम में एससी,एसटी के वरीय सरकारी सेवक को अनारक्षित बिंदु पर पदोन्नत करते समय यह देखा जाना आवश्यक नहीं है कि उसकी नियुक्ति मेधा के आधार पर हुई अथवा आरक्षण के आधार पर वरीयता सह पात्रता के प्रावधान अंतर्गत दी जाने वाली प्रमोशन का उदाहरण भी दिया गया है. कार्मिक अपने आदेश में इसी के तहत भविष्य में प्रमोशन देने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है.

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इसी क्रम में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के वरिष्ठ सरकारी सेवक को अनारक्षित पद पर पदोन्नत करते समय यह देखने की आवश्यकता नहीं है कि उसकी नियुक्ति योग्यता के आधार पर की गई है या इसके अंतर्गत दी गई पदोन्नति का उदाहरण है। आरक्षण के आधार पर वरीयता सह पात्रता का प्रावधान भी दिया गया है। इसके तहत कर्मियों को अपने आदेश में भविष्य में पदोन्नति देने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

कर्मचारियों को कैसे मिलेगी पदोन्नति

यह मान लिया जाए कि झारखंड प्रशासनिक सेवा की मूल श्रेणी से अनुमंडल पदाधिकारी एवं समकक्ष श्रेणी की पदोन्नति सूची में 50 पदों पर पदोन्नति दी जाती है तो 1 से 50 तक के पदाधिकारियों की नियुक्ति फरवरी तक की जायेगी। 17, 2000 कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित रोस्टर बिंदु के अनुसार पदोन्नति स्वीकार्य होगी।

अनारक्षित-1,3,4,5,6,7,9,11,12,13,15,17,19,20,21,23,25,27,29,31,32,33,35,37,39,40,41,43,45,47,49

अ.जाति- 6,16,24,36,46

अनुसूचित जनजाति- 2,8,10,14,18,22,26,30,34,34,38,42,44,50

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उपरोक्त अनुमानों के अनुसार, कुल 32 सामान्य श्रेणी के पद धारकों को पदोन्नत किया जाना है। इसी क्रम में प्रावधान है कि प्राथमिकता सूची में रैंक 1 से 32 रैंक तक के सभी पदधारियों को अनारक्षित अंकों की रिक्ति के अनुसार विभाजित किया जाएगा। रैंक प्वॉइंट पर ही प्रमोशन दिया जाएगा। इसी क्रम में यह देखना जरूरी नहीं होगा कि संबंधित कर्मचारी का चयन मेघा पर होता है या आरक्षण के आधार पर।

इसके बाद अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति वर्ग संख्या 32 से नीचे के शासकीय सेवकों को उनके लिए निर्धारित आरक्षित कोटे के विरूद्ध पदोन्नति दी जायेगी। यानि कि श्रेणी क्रमांक 32 से नीचे के प्रथम पांच अनुसूचित जाति पदधारियों को अनुसूचित जाति के लिए चिन्हित रोस्टर अंक के विरूद्ध पदोन्नति दी जायेगी तथा श्रेणी क्रमांक 32 से नीचे के प्रथम 13 अनुसूचित जनजाति पदधारियों को अनुसूचित जनजाति रोस्टर अंक के विरूद्ध पदोन्नति दी जायेगी।

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