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Tuesday, June 18, 2024
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लातेहार: शहीद जवानों के शरीर में बम प्लांट करने वाला डॉक्टर माओवादी विंग कमांडर समेत दो गिरफ्तार

लातेहार : जिला पुलिस ने पुलिस ने भाकपा माओवादी विंग कमांडर नागेंद्र उरांव उर्फ बहरा उर्फ चुलबुल उर्फ डॉक्टर व दस्ता सदस्य गोदन कोरवा को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार माओवादी विंग कमांडर नागेंद्र ने ही 2013 में कटिया के जंगल में आईईडी विस्फोट के बाद शहीद हुए जवानों के शरीर में बम प्लांट किया था। लातेहार जिले की यह खबर इंटरनेशनल खबर बन गयी थी।

Kidzee Latehar
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लातेहार के अलावा अन्य जिलों में कई मामले दर्ज

विंग कमांडर नागेंद्र पिता सूरज उरावं पलामू के पांकी (गड़िहारा) का रहने वाला है। जबकि दस्ता सदस्य गोदन कोरवा पिता स्व गुजाटी कोरवा गढ़वा के भंडरिया (बहेराखांड) का रहने वाला है। इन दोनों के खिलाफ लातेहार के अलावा अन्य जिलों में कई मामले दर्ज हैं।

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गारू के भवरबंधा जंगल से हुई गिरफ्तारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लातेहार एसपी अंजनी अंजन ने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भाकपा माओवादी का एक दस्ता पुलिस और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए बुढ़ा पहाड़ इलाके में इकट्ठा हुआ है। इस सूचना पर एक विशेष पुलिस टीम गठित कर नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी की गयी। पुलिस टीम गारू के मिरचइया से भवरबंधा के जंगल में पहुंची तो दो लोग संदिग्ध हालत में घूमते मिले। पुलिस को देखकर दोनों व्यक्ति भागने लगे लेकिन पुलिस ने चारों तरफ से घेर कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार किये गये लोगों में से एक नागेंद्र उरांव है, जो भाकपा माओवादी गोरिल्ला दस्ता का विंग कमांडर है। जबकि दूसरा दस्ते का सदस्य है।

नागेंद्र माओवादी छापामार दस्ते का है विंग कमांडर

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार माओवादी कमांडर नागेंद्र उरांव भाकपा माओवादियों के छापामार (गोरिल्ला) दस्ते का विंग कमांडर था। वह पिछले 14 वर्षों से माओवादियों का सक्रिय सदस्य है। इसके द्वारा कई पुलिस कर्मियों की अमानवीय तरीके से हत्या की गयी है। नागेंद्र उरांव भाकपा माओवादी में शामिल होकर कई हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया है।

कई बड़ी नक्सली घटनाओं में रहा है शामिल

उन्होंने बताया कि साल 2013 में कटिया जंगल में माओवादियों के आईईडी ब्लास्ट की घटना में भी शामिल था। इस घटना में 12 पुलिस कर्मी शहीद हो गये थे, जबकि चार ग्रामीण मारे गये थे। घटना के बाद नक्सलियों ने शहीद जवानों के शरीर में आईईडी लगा दिया था। शहीद जवानों के शरीर में बम प्लांट करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा 2018 में यह खपरी महुआ जंगल में हुए माओवादी हमले में भी मुख्य रूप से शामिल था। इस हमले में छह पुलिस कर्मियों की शहादत हुई थी। वर्ष 2019 में चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुइया मोड़ में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर हुए हमले में भी यह मुख्य रूप से शामिल था। इस घटना में चार पुलिसकर्मियों की शहादत हो गयी थी। इस हमले में नक्सलियों का नेतृत्व करते हुए नागेंद्र ओपन फायर के रूप में शामिल था।

माओवादियों के लिए डॉक्टर के तौर पर करता था काम

एसपी ने बताया कि नागेंद्र उरांव माओवादियों के लिए डॉक्टर के तौर पर भी काम करता था। इसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों को बड़ी क्षति हुई है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां भी मिली हैं, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

छापामारी दल

इस छापेमारी अभियान में गारू थाना प्रभारी राजीव कुमार भगत, बारेसाढ़ थाना प्रभारी रंजीत कुमार यादव, पुअनि मोहम्मद शाहिद, सरज कुमार, सअनि तारापद महतो समेत गारू थाना सैट 06 व बारेसाढ़ थाना सैट 02 के पदाधिकारी, हवलदार व जवान शामिल थे।