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Sunday, March 3, 2024
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शिबू सोरेन की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति में इन नेताओं को मिला मंत्री का दर्जा

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के नेतृत्व में गठित झारखंड राज्य समन्वय समिति के चार सदस्यों को मंत्री का दर्जा दिया गया है। यह जानकारी कैबिनेट सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने संकल्प में दी है। कमेटी में शिबू सोरन समेत 9 लोगों को शामिल किया गया है।

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शिबू सोरेन को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को सदस्य, सरफराज अहमद, फागू बेसरा, बिनोद पांडे, योगेंद्र महतो को सदस्य बनाया गया है। इस समिति में हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री आलमगीर आलम, सत्यानंद भोक्ता को विशेष आमंत्रित, जबकि बंधु तिर्की को आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

समन्वय समिति के इन सदस्यों को मिला मंत्री का दर्जा

राजेश ठाकुर, फागू बेसरा, बिनोद पांडे और योगेंद्र महतो को मंत्री का दर्जा मिलेगा। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। इस समिति का गठन राज्य में विकास की सम्भावनाओं का पता लगाने तथा जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य की विकास योजनाओं से समन्वय स्थापित करने के लिए किया गया है।

मंत्रियों के समान मिलेंगी सुविधायें

राजेश ठाकुर, फागू बेसरा, बिनोद पांडे और योगेंद्र महतो को मंत्री का दर्जा मिलेगा। उन्हें मंत्री को दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। इस समिति का गठन राज्य में विकास की सम्भावनाओं का पता लगाने तथा जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य की विकास योजनाओं से समन्वय स्थापित करने के लिए किया गया है। कैबिनेट सचिवालय से जारी संकल्प के अनुसार यह समिति पिछड़े क्षेत्रों में आर्थिक विकास की गति को तेज करने की योजनाओं और उपायों पर विचार करेगी.

समिति राज्य सरकार को सुझाव देगी

इस समिति के गठन का उद्देश्य राज्य से श्रमिकों के पलायन को रोकना तथा राज्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ समन्वय स्थापित कर उनका विकास करना है। साथ ही प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग एवं मानव संसाधनों के समुचित विकास की दिशा में भी समिति कार्य करेगी। इसके अलावा, समिति राज्य के संतुलित विकास की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विकास योजनाओं के साथ समन्वय करेगी, इसके लिए आवश्यक उपाय करेगी और लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेगी।