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Wednesday, May 22, 2024
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सावधान! झारखंड में तेजी से बढ़ रहा कोरोना से मिलता-जुलता H3N2 इंफ्लूएंजा का खतरा, जानिये लक्षण और उपचार

झारखंड में H3N2 इंफ्लूएंजा

रांची : झारखंड में भी लोग तेजी से एच3एन2 इन्फ्लुएंजा वायरस की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी के लक्षण कोरोना से मिलते जुलते हैं। H3N2 इन्फ्लुएंजा का खतरा कई राज्यों में देखा जा रहा है। इस बीमारी का खतरा झारखंड में भी देखा जा रहा है।

क्या कहते है चिकित्सक

इस बारे में रांची रिम्स के डॉ. संजय ने कहा कि अगर इस बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज किया गया तो खतरा बढ़ सकता है। अगर लंबे समय तक खांसी हो, सांस लेने में तकलीफ हो और थकान की शिकायत हो तो इसकी जांच करानी चाहिए। साधारण दवा यह सोचकर न लें कि खांसी ठीक हो जायेगी, खतरा बढ़ सकता है। अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज न किया जाये तो यह बीमारी इतनी खतरनाक होती है कि जान भी जा सकती है। यह बीमारी इतनी खतरनाक है कि कई बार लोग आईसीयू में भी भर्ती हो जाते हैं। अगर बाहर से आये किसी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखें तो ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

वायरल बीमारी है एच3एन2 इन्फ्लुएंजा

अगर परिवार में किसी व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण हैं तो उसके लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी है। यह रोग फैलता है। घर के अन्य सदस्यों को भी N95 मास्क का प्रयोग करना चाहिए। क्‍योंकि यह एक वायरल बीमारी है, यह सांस के जरिये एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में भी जा सकती है। वहीं इस बार इसकी फैलने की क्षमता ज्यादा देखी जा रही है।

शुरुआती लक्षण और उपचार

इसकी शुरुआत गले में खराश, बुखार और खांसी से होती है। धीरे-धीरे पूरा शरीर कमजोर होने लगता है। शरीर में दर्द होता है। अगर परिवार के किसी सदस्य में ये लक्षण हैं तो आपको तुरंत जांच करानी चाहिए। इसकी तुरंत जांच करायें, आरटीपीसीआर जांच से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। घर में किसी को लक्षण होने पर डॉक्टर के संपर्क में रहना जरूरी है। एन-95 का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। गर्म पानी का लगातार सेवन करना बहुत जरूरी है। लक्षण मिलने पर एंटीबायोटिक्स बिल्कुल न लें, इसमें एंटीवायरल दवाएं काम करती हैं। इस रोग से लड़ने में ओसेल्टामाविस औषधि कारगर है।

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झारखंड में H3N2 इंफ्लूएंजा