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तेतरियाखाड़ कोलियरी जलाने के लिए कोयला लाने गयी दो महिलाओं समेत तीन लोग झुलसे, एक रेफर

शशि भूषण गुप्ता/बालूमाथ

लातेहार : शुक्रवार को बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र स्थित सीसीएल की तेतरियाखाड़ कोलियरी में जलावन के लिए कोयला लाने गए दो महिला समेत तीन लोग आग से झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों में बालूमाथ प्रखंड के मुरपा ग्राम निवासी रोहित राम की पत्नी किरण देवी, चंद्रदीप राम की पत्नी धनोईया देवी व मरांगलोया ग्राम अंतर्गत बरवाटोली निवासी खदिया उरांव का पुत्र प्रकाश उरांव शामिल है।

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तीनों घायलों को गंभीर अवस्था में बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। जहां घायल प्रकाश उरांव की स्थिति को गंभीर देखते हुए डॉक्टर पुरुषोत्तम कुमार ने बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त सभी अपने घर में खाना बनाने के लिए जलावन के लिए कोयला लाने तेतरियाखाड़ कोलियरी गए हुए थे। इसी दौरान कोयला स्टॉक में लगी आग की चपेट में आने से तीनों झुलस गए।

मालूम हो कि तेतरियाखाड़ कोलियरी के कोयला स्टॉक में बीते कई दशक से आग लगी हुई है। जिसे बुझाने के लिए कोलियरी प्रबंधन द्वारा अब तक कोई बेहतर प्रयास नहीं किया गया। जिस कारण प्रत्येक वर्ष हजारों टन कोयला राख में तब्दील हो रहा है। जिससे सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है।

लोगों का मानना है कि कोयले की स्टॉक में लगी आग सीसीएल प्रबंधन को उत्पादन में लीपापोती करने में सहायक सिद्ध होती है। वही प्रत्येक दिन कोलियरी में सैकड़ों लोग जलावन का कोयला ले जाते है और कुछ लोग जलावन कोयला के नाम पर इसे इकट्ठा कर टन के भाव में इसे बेचने का कार्य करते हैं।

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इस संबंध में बताया जाता है कि जलावन कोयला लाने गए ग्रामीणों से वहां सुरक्षा में लगे कर्मियों के द्वारा अवैध उगाही भी की जाती है। जिस कारण कोलियरी प्रबंधन भी कार्रवाई के बदले मौन साधे रहना उचित समझती है।

बहरहाल जो भी हो इस घटना से कोलियरी के सुरक्षा प्रबंध पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है और कोलियरी के कोयला सुरक्षा को लेकर प्रबंधन क्या उपाय करती है यह आने वाला वक्त ही बताएगा।