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Friday, March 1, 2024
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कटे-फटे कपड़े पहनना दरिद्रता की पहचान, सनातन की नहीं : देवकीनंदन ठाकुर

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पलामू : अंतरराष्ट्रीय कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सांसारिक बल पर भरोसा करने वाले भययुक्त ही जीते हैं। लेकिन नारायण पर विश्वास करने वाले भय मुक्त होते हैं। जिनके साथ नारायण का साथ हो उनकी हार कदापि नहीं होती। वे सोमवार को हाउसिंग कॉलोनी स्थित पंडाल में छठे दिन श्रीमद् भागवत पुराण की कथा सुना रहे थे।

श्रीमद् भागवत पुराण के प्रसंग की चर्चा करते हुए देवकीनंदन ने कहा कि लक्ष्मी व शांति हर एक घर में चाहिए। लेकिन करोड़ों अरबों के मालिक होते हुए भी 99 प्रतिशत घरों में शांति नहीं है। शांति उसी को मिलती है जो संतों के मुख से श्रीमद् भागवत कथा सुनते हैं। भागवत सत्संग से शांति जरूर मिलती है।

उन्होंने कहा कि मां लक्ष्मी को शुद्धता पसंद है, जो चाहते हैं कि उनके घर में लक्ष्मी का वास हो वे कटे-फटे वस्त्र कदापि नहीं पहने। यह तो दरिद्रता की पहचान है। आज के परिवेश व मॉडर्न जमाने पर प्रहार करते हुए देवकीनंदन ने दुख जताया। कहा कि आज कल की मातायें-बहने भी कटी-फटी वस्त्र पहनने लगी हैं। यह सनातन की पहचान नहीं है।

कहा कि बिस्तर पर बैठकर कदापि नहीं खाना व पीना चाहिए। सुबह उठकर स्नान करें व सूरज को जल चढ़ायें। टूटे हुए बर्तन में भोजन न करें। प्लास्टिक, कांच, लोहे व चाईनीज बर्तन में कदापि नहीं खायें। मेड इन चीन के सभी वस्तुओं को सभी सनातनी प्रयोग करना छोड़ दें। कांसा, पीतल व तांबे के बर्तन में भोजन ग्रहण करें। सबसे शुद्ध तो पत्तल होते हैं। सनातन को धनवान बनना उनका मकसद है। ताकि सभी सोने के बर्तन में भोजन करें। लेकिन जरूरी है कि सभी सनातनी अपनी संस्कृति व संस्कार सीखें। पीर पर चादर नहीं चढ़ायें और ना ही वहां चढ़ाया हुआ कुछ खायें। उन्होंने पूछा- कहीं मरे हुए पर चढ़ाया हुआ कोई वस्तु सनातनी खाता है क्या?

देवकीनंदन ने श्रीमद् भागवत कथा की चर्चा करते हुए कहा कि जिनकी नारायण रक्षा करते हैं उनका देवराज इंद्र भी नहीं बिगाड़ सकते। श्री कृष्ण ने अपने कनिष्क उंगली पर गिरिराज पर्वत को उठाकर अपने गांव वालों की रक्षा की थी। यदि कोई संकट आए और बचने का कोई मार्ग नहीं दिखे तो नारायण को जरूर याद करें। पायेंगे कि कोई बचाने वाला सामने आ गया। वह कोई नहीं वह तो तो नारायण का दूत होता है। सनातनियों को कुछ मांगना है तो महावीर से मांगों। देवी- देवताओं पर विश्वास करों। जो भी चाहिए जरूर देंगे। लेकिन नारायण पर अटूट विश्वास होना चाहिए।

मौके पर सूबे के पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि यज्ञ में यूपी बिहार व पूरे झारखंड के लोग आकर कथा सुन रहे हैं व यज्ञ भगवान की परिक्रमा कर पुण्य के भागी बन रहे हैं। समय-समय पर इस तरह का यज्ञ व कथा होनी चाहिए। इससे श्रद्धालु पुण्य के भागी बनते हैं। मौके पर मेयर अरुणा शंकर ने जाति से ऊपर उठकर सनातियों को एक होने का आह्वान किया।

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