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झारखंड में राजनीतिक संकट गहराया, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द

चुनाव आयोग ने राज्यपाल को भेजा पत्र

रांची : सीएम हेमत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। रांची जिले के अंगड़ा मौजा में खनन पट्टा पट्टा मामले में हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द कर दी गयी। इसकी शिकायत बीजेपी ने राज्यपाल से की थी। जिसके बाद राज्यपाल ने मामले को चुनाव आयोग के पास भेज दिया। चुनाव आयोग में सुनवाई करीब दो महीने तक चली। 18 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने अपनी मंशा राज्यपाल को भेज दी है। जिसमें हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है। सदस्यता रद्द होने के बाद झारखंड में एक बार फिर राजनीतिक संकट गहरा गया है। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा हो रही है कि अब सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन हो सकती हैं अगली मुख्यमंत्री

जहां तक ​​मामला सामने आ रहा है तो साफ है कि हेमंत की जगह उनकी पत्नी कल्पना सोरेन सीएम हो सकती हैं। लेकिन झारखंड में सीएम बने रहने के लिए छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव जीतना होता है। अगर छह महीने के अंदर कल्पना सोरेन कहीं से चुनाव लड़कर जीत जाती हैं तो वह सीएम की कुर्सी पर बनी रह सकती हैं। नहीं तो झामुमो को किसी और चेहरे पर निर्भर रहना पड़ेगा।

चूंकि हेमंत के अलावा चुनाव आयोग में बसंत पर खनन पट्टे का मामला चल रहा है और संभावना है कि उनकी सदस्यता भी रद्द हो सकती है, ऐसे में पार्टी सोरेन परिवार के युवराज बसंत पर दांव नहीं लगाएगी। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि झारखंड की राजनीति का ऊंट किस तरफ बैठता है।

हेमंत सोरेन को फिर लड़ना होगा चुनाव

विधानसभा की सदस्यता गंवाने के बाद हेमंत सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना होगा। लेकिन बहुमत होने की स्थिति में वह दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने के भीतर फिर से विधानसभा चुनाव लड़ना होगा। अगर ऐसा होता है तो झारखंड में तीसरी बार कोई मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ेगा। इससे पहले शिबू सोरेन और अर्जुन मुंडा ऐसा कर चुके हैं।

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