Breaking :
||लातेहार: दो बाइकों की टक्कर में मामा-भांजा समेत चार घायल समेत बालूमाथ की दो खबरें||पलामू में युवक की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस||झारखंड कैबिनेट की बैठक 19 जून को, लिये जायेंगे कई अहम फैसले||रजरप्पा को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में किया जाये विकसित, कार्ययोजना करें तैयार : मुख्यमंत्री||झारखंड में IPS अधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग||पलामू में प्रतिबंधित मांस का टुकड़ा फेंके जाने से तनाव, इलाका पुलिस छावनी में तब्दील||JBKSS प्रमुख जयराम महतो ने की विधानसभा चुनाव में 55 सीटों पर लड़ने की घोषणा||मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को मार गिराने वाली टीम को DGP ने किया सम्मानित, कहा- मुख्य धारा में लौटें, अन्यथा मारे जायेंगे||झारखंड में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, 20 जून तक मानसून करेगा प्रवेश||पलामू: बालिका गृह में दुष्कर्म पीड़िता की बहन की मौत, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
Wednesday, June 19, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरपलामूपलामू प्रमंडल

टेंडर कमीशन देने में पांकी के ठेकेदार का भी नाम : शशिभूषण मेहता

पलामू : पांकी विधायक डा. शशिभूषण मेहता ने बुधवार को कहा कि आज सभी महत्वपूर्ण समाचार पत्रों में छपी हुई खबरों के अनुसार ईडी ने कोर्ट के समक्ष जिन टेंडरों में मंत्री को कमीशन मिलने का सबूत पेश किया है, उनमें से एक संवेदक पांकी विधानसभा क्षेत्र के निवासी अनूप जायसवाल का नाम भी अंकित है। यह वही अनूप जायसवाल हैं, जो पांकी के ठेकेदार पूर्व विधायक का पेटी कॉन्ट्रेक्टर हैं।

ठेकेदार विधायक की कंपनी ‘मेसर्स सिलदिलिया कंस्ट्रक्शन्स’ के सभी कार्यों को इसी अनूप जायसवाल द्वारा कराया जाता रहा है। अनूप जयसवाल द्वारा पैसों का लेन-देन किया जाता है। इन ठेकेदारों की कमीशनखोरी और विकास कार्यों की राशि में लूट का नतीजा है कि पांकी विधानसभा क्षेत्र में इन दोनों ठेकेदारों द्वारा बनायी गयी सड़कें, पुल, एकलव्य विद्यालय, मनातू, आवासीय बालिका विद्यालय, तरहसी के भवन बनते के साथ जर्जर हो गये हैं।

डालटनगंज-लेस्लीगंज-पांकी (डीएलपी) जैसे महत्वपूर्ण पथ का टेंडर भी कमीशनखोरी के द्वारा मेसर्स सिलदिलिया कंस्ट्रक्शन्स मिलने का नतीजा है। सड़क बनते ही उखड़ने लगी। सड़क बनकर पूरी भी नहीं हुई और ठेकेदार विधायक को जहां-तहां उखाड़कर मरम्मत करनी पड़ी, जो आजतक की जा रही है।

विधायक ने कहा कि उनके द्वारा सरकार और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों को कई बार इन भ्रष्ट संवेदकों के खिलाफ जांच कराने और इन्हें कोई नया कार्य नहीं देने के लिये पत्राचार किया गया, परन्तु जहां कमीशनखोरी हावी हो, वहां जायज शिकायतें भी गौन हो जाती हैं। अगर ईडी जांच का दायरा बढ़ाकर नामित अनूप जायसवाल और उससे संबंधित ठेकेदार पूर्व विधायक के खिलाफ जांच करे, तो निश्चित ही कई बड़े राज खुलेंगे। कई हजार करोड़ के भ्रष्टाचार के राज उजागर होंगे। ये मोदी जी की सरकार है, जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।

Jharkhand Tender commission scam