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पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने कहा- पंचायतों के विकास में बाधा डाल रहे नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, मुखिया व प्रमुख के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव भेजने का निर्देश

रांची : पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने कहा कि प्रदेश में पंचायतों के विकास के लिए पूर्व में स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इसकी जानकारी राज्य सरकार को कई माध्यमों से मिल रही है।

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उन्होंने कहा कि लगातार यह बात सामने आ रही है कि कई ग्राम पंचायतों में पूर्व वर्ष में संचालित जीपीडीपी, ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत ग्राम सभा द्वारा चयनित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं भुगतान में हाल में हुए पंचायत चुनाव से चुनकर आये जनप्रतिनिधियों द्वारा बाधा उत्पन्न की गयी। वे इन योजनाओं को शुरू ही नहीं होने दे रहे हैं, जिससे स्वीकृत योजनाओं पर आगे काम नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने चिंता जताते हुए सभी डीडीसी को स्पष्ट कर दिया है कि ग्राम पंचायत विकास योजना संबंधित पंचायत की विकास योजना है न कि किसी पंचायत प्रतिनिधि की। सभी योजनाओं का चयन ग्राम सभा के निर्णय के आधार पर किया जाता है तथा ग्राम पंचायत विकास योजना के आधार पर योजनाओं का क्रियान्वयन एवं समय पर भुगतान संबंधित पंचायत का प्राथमिक उत्तरदायित्व होता है।

पंचायती राज निदेशक ने सभी जिलों को यह भी निर्देश दिया है कि जानबूझकर लापरवाही करने वाले, अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करने वाले मुखिया, प्रमुख सहित ऐसे सभी बाधा उत्पन्न करने वाले जनप्रतिनिधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की अनुशंसा की जाये।

इसी प्रकार 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत आबद्ध एवं अनाबद्ध मद से उपलब्ध राशि से त्रिस्तरीय पंचायतों द्वारा वार्षिक विकास योजना के आधार पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में 71,009 योजनाओं के विरुद्ध 55,409 योजनाएं एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7,955 योजनाओं के विरुद्ध 6,056 योजनाएं ही प्रारंभ की जा सकी है।

पंचायती राज निदेशक ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, मुखिया व प्रमुख के खिलाफ कार्य न करने के आरोप में डीडीसी को निलंबन का प्रस्ताव विभाग को देने को कहा है।