Breaking :
||मनिका: करोड़ों की लागत से हो रहे सड़क निर्माण में धांधली, बालू की जगह डस्ट से हो रही ढलाई||पड़ताल: गांव के दबंग ने ज़बरन रुकवाया PM आवास का निर्माण, 4 सालों से सरकारी बाबुओं के कार्यालय का चक्कर लगा रहा पीड़ित परिवार||लातेहार: बंद पड़े अभिजीत पावर प्लांट के सुरक्षा गार्ड की संदेहास्पद मौत, जांच जारी||गढ़वा: पड़ोसी युवक के साथ भागी दो बच्चों की मां, बंधक बनाकर पीटा||भूख हड़ताल पर बैठे पारा मेडिकल कर्मियों की तबीयत बिगड़ी, भेजा अस्पताल||Good News: झारखंड में मरीजों के लिए जल्द शुरू होगी एयर एंबुलेंस की सुविधा, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान||लातेहार: मनिका बालक मध्य विद्यालय में हुई चोरी मामले का खुलासा, तीन गिरफ्तार, चोरी का सामान बरामद||चतरा में सुरक्षाबलों से नक्सलियों की मुठभेड़, एक नक्सली ढेर, देखें तस्वीर||झारखंड: मूर्ति विसर्जन के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प, दर्जनों लोग घायल, तनाव||धनबाद: हजारा अस्पताल में लगी भीषण आग, दम घुटने से डॉक्टर दंपती समेत 5 की मौत

31 जनवरी तक ही आदमखोर तेंदुए को मारने का आदेश, अब मध्य प्रदेश से आयेगी एक्सपर्ट की टीम

आदमखोर तेंदुआ

आदमखोर तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने संजय-डुबरी टाइगर रिजर्व से मांगी मदद

रांची : गढ़वा जिले में आदमखोर तेंदुए को मारने का अधिकारिक आदेश मिला है लेकिन इसकी वैधता 31 जनवरी तक ही है। समय बीतता देख वन विभाग ने मध्य प्रदेश के संजय-डुबरी टाइगर रिजर्व से आदमखोर तेंदुआ को पकड़ने के लिए मदद मांगी है।

आदमखोर तेंदुआ के पंजों के निशान

नवाब शफत अली खान की टीम 3 जनवरी से कर रही कोशिश

पलामू वन परिक्षेत्र के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक कुमार आशुतोष ने बताया कि यदि तेंदुआ 31 जनवरी तक पकड़ा या मारा नहीं जाता है तो उसे एक बार फिर से मारने के लिए पीसीएफ वाइल्ड लाइफ से अनुमति मांगी जायेगी। फिलहाल विभाग ने संजय टाइगर रिजर्व से विशेषज्ञों की टीम बुलायी है। उन्होंने बताया कि नवाब शफत अली खान की टीम तीन जनवरी से तेंदुए को पकड़ने के लिए डेरा डाले हुए है।

आदमखोर तेंदुआ को ट्रैप करने के लिए लगाये गये ट्रैकिंग कैमरे

अब चार किलोमीटर के दायरे में घूम रहा तेंदुआ

वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक रमकंडा और भंडरिया की सीमा पर कुशवार के इलाके में लगातार तेंदुए की लोकेशन मिल रही है। जनवरी के पहले सप्ताह तक गढ़वा के रंका, रमकंडा और भंडरिया के सीमावर्ती इलाकों के 10 किलोमीटर के दायरे में तेंदुआ घूम रहा था। अब इसका दायरा घटकर चार किलोमीटर रह गया है।

आदमखोर तेंदुआ को पकड़ने के लिये लगाया गया केज

ट्रैकिंग कैमरे में अब तक कैद नहीं हो सकी तस्वीर

तेंदुए को पकड़ने के लिए 50 ट्रैकिंग कैमरे लगाये गये हैं। फिर भी अभी तक उसमें उसकी तस्वीर नहीं कैद हो पायी है। छह पिंजरे भी लगाये गये लेकिन अब तक वह फंसा नहीं है। हालांकि, उसके पंजों के निशान केज के बगल में पाये गये।

अब तक चार की ले चुका है जान

गौरतलब है कि आदमखोर तेंदुआ पिछले 37 दिनों से गढ़वा दक्षिणी मंडल के भंडरिया, रंका, रमकंडा प्रखंड और पलामू टाइगर रिजर्व के छीपादोहर में सक्रिय है। तेंदुए ने अब तक चार बच्चों को मार डाला है। इसमें गढ़वा में तीन और लातेहार में एक बच्चे की मौत हुई है। सभी की उम्र छह से 12 साल के बीच थी।

आदमखोर तेंदुआ