Breaking :
||बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री||आर्थिक तंगी के कारण कोई भी छात्र उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से न रहे वंचित: मुख्यमंत्री||झारखंड में मानसून की आहट, भारी बारिश का अलर्ट जारी||बड़गाईं जमीन घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, जमीन कारोबारी के ठिकाने से एक करोड़ कैश और गोलियां बरामद||पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सेक्शन अधिकारी समेत दो रिश्वत लेते गिरफ्तार||सतबरवा में कपड़ा व्यवसायी के बेटे और बेटी के अपहरण का प्रयास विफल, लातेहार की ओर से आये थे अपहरणकर्ता||लातेहार: एनडीपीएस एक्ट के दोषी को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना||लातेहार सिविल कोर्ट में आपसी सहमति से प्रेमी युगल ने रचायी शादी||लातेहार: किड्जी प्री स्कूल के बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योगाभ्यास||किसानों की समृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : मुख्यमंत्री
Saturday, June 22, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरपलामूपलामू प्रमंडल

पलामू: आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में पांकी विधायक कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता बरी

पलामू : आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में पांकी विधायक कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता को गुरुवार को एमपी एमएलए के स्पेशल मजिस्ट्रेट सतीश कुमार मुंडा की अदालत ने आरोप साबित नहीं होने पर रिहा कर दिया है। शशि भूषण मेहता पर आरोप था कि उन्होंने 25 अप्रैल 2016 को सुबह 11:00 बजे से 1:00 बजे के बीच मिसिर दोहर गांव में बगैर इजाजत के टेंट और तिरपाल लगाकर चुनावी सभा की थी।

पलामू की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

आदर्श आचार संहिता प्रकोष्ठ के प्रभारी पदाधिकारी नंद कुमार मिश्रा ने शशिभूषण मेहता के खिलाफ तरहसी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों के बयान कराये गये थे। प्रकाशित समाचार के आलोक में मामले के मुखबिर ने पाया कि दिनांक 25 अप्रैल 2016 रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तरहसी प्रखंड के मिसिर दोहरी ग्राम पंचायत सेलारी में संभावित प्रत्याशी शशिभूषण मेहता द्वारा टेंट लगाकर पांकी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का आयोजन किया गया था।

चुनावी सभा में शामिल हुए लोगों को खाना खिलाया गया, जो 144 और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता है। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से राहुल सत्यार्थी ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्य के अभाव में मामला साबित न कर पाने के कारण अदालत ने इस मामले में शशिभूषण मेहता को बरी कर दिया है।

पलामू शशिभूषण मेहता बरी