Breaking :
||गुमला में लूटपाट करने आये चार अपराधी हथियार के साथ गिरफ्तार||रांची में वाहन चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद||लोहरदगा में धारदार हथियार से गला रेतकर महिला की हत्या||पलामू समेत झारखंड के इन चार लोकसभा सीटों के लिए 18 से शुरू होगा नामांकन, प्रत्याशी गर्मी की तपिश में बहा रहे पसीना||रामनवमी के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले आपत्तिजनक पोस्ट पर झारखंड पुलिस की पैनी नजर, गाइडलाइन जारी||झारखंड: प्रचार करने पहुंचीं भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा का विरोध, भाजपा और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच झड़प||झारखंड में 20 अप्रैल को जारी होगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट||कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग से आदिवासी समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी||लातेहार: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीसी ने रामनवमी जुलूस निकालने वाले मार्गों का किया निरीक्षण||पलामू: तेज रफ़्तार कार और बाइक की टक्कर में युवक की मौत
Monday, April 15, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरपलामूपलामू प्रमंडल

विधायक भानु प्रताप शाही एससी-एसटी एक्ट में बरी, चार लोगों को छह-छह माह कारावास की सजा

पलामू : गढ़वा जिले के भवनाथपुर के विधायक भानु प्रताप शाही को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। एमपी-एमएलए कोर्ट पलामू ने उन्हें एससी-एसटी एक्ट मामले में रिहा कर दिया। कुछ महीने पहले भी विधायक भानु प्रताप शाही पलामू कोर्ट में पेश हुए थे। आरएमडी सेल के डॉ विजय कुमार राम के खिलाफ करीब 19 साल पहले दायर पुराने मामले में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।

कोर्ट ने इस मामले में मनोज पहाड़िया, उपेन्द्र दुबे, मनोज सिंह और भगत दयानंद यादव को दोषी पाया है और छह-छह माह कैद की सजा सुनायी है। उपरोक्त सभी पहले ही अपनी सजा काट चुके हैं। मंगलवार को पलामू कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान विश्वसनीय साक्ष्य के अभाव और मामला राजनीति से प्रेरित पाये जाने पर उन्हें बरी कर दिया गया।

गौरतलब है कि गढ़वा के भवनाथपुर सेल में पदस्थापित डॉ. विजय कुमार ने 2006 में विधायक भानु प्रताप शाही समेत कई लोगों पर एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी। उस दौरान विधायक भानु प्रताप शाही और डॉ. विजय कुमार के बीच सेल क्वार्टर को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद डॉ विजय कुमार ने विधायक पर जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। डॉक्टर के क्वार्टर से सामान फेंकने का भी आरोप था।

बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर आने के बाद विधायक भानु प्रताप शाही के वकील एसएसपी देव ने कहा कि कोर्ट ने विश्वसनीय साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया है, मामले की अन्य धाराओं में चार लोगों को दोषी ठहराया गया है। विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि लंबी लड़ाई लड़ने के बाद उन्हें न्याय मिला। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था और उन्हें न्याय मिला। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं उन्हें फंसाने की साजिश रची गयी थी।

Bhanu Pratap Shahi acquitted