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बारियातू में जमीन की लूट के खिलाफ आदिवासी महासभा का महाधरना

संजय राम/बारियातू

लातेहार : बारियातू प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में आदिवासियों के सामाजिक धार्मिक एवं रैयती जमीन की लूट के खिलाफ आज एक दिवसीय महाधरना दिया।

कार्यक्रम के दौरान चुनौती के रूप में उभर रही विभिन्न समस्याओं को लेकर आदिवासी महासभा एवं प्रखंड पड़हा कमिटी के द्वारा बारियातू प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना के माध्यम से विभिन्न मांगों को रखते हुए झारखण्ड के महामाहिम राजयपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

आदिवासियों की जमीन लूट एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में जिला पड़हाबेल प्रभु दयाल उरांव, जिला पड़ाहाबेल धर्मअगुआ तेतर उरांव, 84 पड़ाहाबेल नरेश उरांव ने अपने अपने संबोधन में आदिवासी मूल वासियों का जमीन लूट होने के संबंध में विभिन्न चर्चा किया।

इसके साथ ही सरकार से अपील करते हुए कहा कि 1932 के खतियान के आधार पर नया सर्वे को रद्द करते हुए पुनः मिनी सर्वे कराया जाय।

वक्ताओं ने भुईयंहरी जमीन को रैयती जमीन बनाकर खरीद बिक्री किए जाने का खेल बंद करने, गैरमजरूआ जमीन को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से भू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से किए जा रहे खरीद बिक्री पर रोक लगाने, लोहरा जनजाति के खतियानी लोहार बनाकर जमीन की अवैध खरीद बिक्री को मूल रैयतों को वापस दिलाने की मांग की।

साथ ही आदिवासी द्वारा आदिवासी से जमीन खरीद के मामले में थाना क्षेत्र के बाध्यता खत्म कर उसके जगह पूरा राज्य स्तर पर करने, आदिवासी महिला द्वारा गैर आदिवासी पुरुष से विवाह करने पर उस महिला को अनुसूचित जनजाति को मिलने वाली सभी तरह के लाभ से वंचित करने, भोजपुरी मगही अंगिका उर्दू बांग्ला और उड़ीसा भाषा को हटाकर पांच आदिवासी भाषा और चार क्षेत्रीय भाषा को झारखंड के नियुक्तियों के आधार बनाए जाने की मांग की।

ज्ञापन में 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति बनाने की मांग, विभिन्न परियोजना तथा कोयला खदान रेलवे बॉक्साइट खदान डैम बड़े बड़े उद्योगों के निर्माण से विस्थापित होने वाले लोगों को अविलम्ब पुनर्वास देने, वन भूमि पट्टा आदिवासियों को यथाशीघ्र देने, शीलागाई स्थित अमर शहीद वीर बुधु भगत के स्मारक डोंगरी में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के निर्माण हेतु आवंटित 20 एकड़ जमीन की जमाबंदी अविलंब रद्द करने, अमर शहीद वीर बुधु भगत स्मारक टोंगरी की 50.51एकड़ जमीन को अमर शहीद वीर बुधु भगत स्मारक पर्यटन स्थल के नाम से बेलगान जमाबंदी, पेशा कानून की नियमावली यथाशीघ्र बनाने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का गारंटी दिए जाने एवं सिंचाई हेतु किसानों को मुफ्त बिजली बिजली देने की मांग की है।

सभा की अध्यक्षता जगदीश उरांव ने की जबकि संचालन लालजी उरांव ने की। मौके पर रामलाल भगत, रमेश उरांव, प्रमोद उरांव, रूपो उरांव, रुपनी भगत, महेंद्र भगत, जितेंद्र उरांव, दिलीप उरांव, सहित काफी संख्या में आदिवासी व मूलवासी मौजूद थे।


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