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Thursday, May 23, 2024
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लातेहार पुलिस ने फिर नौ नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों के चंगुल से बचाया, एक अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

Latehar Human Trafficking News

लातेहार : एसपी अंजनी अंजन के नेतृत्व में अवैध मानव तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस को लगातार सफलता भी मिल रही है। इसी क्रम में पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में एक और अंतरराज्यीय आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया। इसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से नौ नाबालिग लड़कियों को बचाया गया है।

गुरुवार को एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मानव तस्करी के आरोप में मनोज यादव पिता स्व. लक्ष्मण यादव (महुआडांड़, लातेहार) को गिरफ्तार किया गया है। इसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इस पर कार्रवाई करते हुए लातेहार पुलिस ने दिल्ली, चंडीगढ़ और पानीपत में छापामारी कर नौ नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कर लातेहार लाया है।

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बचायी गयी सभी लड़कियां छत्तीसगढ़ के लातेहार जिले के महुआडांड़ और बलरामपुर जिले की रहने वाली हैं। इनमें अधिकतर लड़कियाँ सुदूर इलाकों के आदिम जनजातीय समुदायों से आती हैं।

एसपी ने कहा कि मानव तस्करी एक जघन्य अपराध है। झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण आदिवासी इलाकों में गरीबी और अशिक्षा के कारण मानव तस्कर ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर नाबालिग लड़कियों को घरेलू काम के लिए महानगरों में भेज रहे हैं। इसकी सूचना मिलने पर एक एसआईटी का गठन किया गया और 9 नाबालिग लड़कियों को दिल्ली, चंडीगढ़ और पानीपत से छुड़ाकर लातेहार लाया गया।

एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि मानव तस्करी का खेल चार सीरीज में होता है। इस सीरीज का पहला एपिसोड एजेंट है, जो आसपास के गांवों के आदिम जनजातियों के गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें पैसे और काम का लालच देता है और फिर लड़कियों को महानगरों में ले जाकर फर्जी प्लेसमेंट एजेंटों तक पहुंचाता है।

सीरीज के दूसरे एपिसोड में बच्चों को प्लेसमेंट एजेंट के पास ले जाकर दो हफ्ते तक रखकर काम के बारे में सिखाया जाता है। यहां लड़कियों का पहचान पत्र और मोबाइल फोन जमा कर लिया जाता है। जिसके कारण वह अपने परिवार के संपर्क में नहीं रह पाते। यहां लड़कियों का नाम और पता बदलकर फर्जी पहचान पत्र बना दिया जाता है। ताकि लड़कियों की पहचान न हो सके।

सीरीज के तीसरे एपिसोड में लड़कियों को क्लाइंट के पास भेजा जाता है। इसके बदले में वे क्लाइंट से हर महीने कमीशन के तौर पर मोटी रकम लेते रहते हैं।

सीरीज के चौथे एपिसोड में मानव तस्कर क्लाइंट से हर महीने पैसे लेता है, लेकिन लड़कियों के परिवारों को कोई पैसा नहीं दिया जाता है। लड़कियों को अपने परिवार से बात करने की भी इजाजत नहीं दी जाती है। एसपी ने यह भी बताया कि इन मासूमों को दिल्ली, चंडीगढ़ और पानीपत जैसे महानगरों में बेच दिया जाता है।

आपको बता दें कि इससे पहले की कार्रवाई में 17 लड़कियों को छुड़ाकर उनके परिजनों को सौंप दिया गया था। जबकि 7 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे अभियान में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि काम के दौरान बच्चियों का यौन शोषण भी होता है। साथ ही उनके पैसों की हेरा फेरी भी होती है।

लातेहार पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर चौधरी, महुआडांड़ थाना प्रभारी आशुतोष यादव, महुआडांड़ पुलिस अवर निरीक्षक अजय कुमार दास, सुमित यादव, हेरहंज थाना के पुलिस अवर निरीक्षक रूपलाल प्रसाद, लातेहार पुलिस अवर निरीक्षक मो. शाहरुख, आरक्षी पंकज कुमार, महिला आरक्षी मुगी सोरेन, गोदलिवा कुजूर शामिल है।

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