Breaking :
||लातेहार: बालूमाथ में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक बाइक सवार की मौत, दो की हालत गंभीर||लातेहार: माओवादियों की बड़ी साजिश नाकाम, बरवाडीह के जंगल से आठ आईईडी बम बरामद||गुमला में लूटपाट करने आये चार अपराधी हथियार के साथ गिरफ्तार||रांची में वाहन चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद||लोहरदगा में धारदार हथियार से गला रेतकर महिला की हत्या||पलामू समेत झारखंड के इन चार लोकसभा सीटों के लिए 18 से शुरू होगा नामांकन, प्रत्याशी गर्मी की तपिश में बहा रहे पसीना||रामनवमी के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले आपत्तिजनक पोस्ट पर झारखंड पुलिस की पैनी नजर, गाइडलाइन जारी||झारखंड: प्रचार करने पहुंचीं भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा का विरोध, भाजपा और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच झड़प||झारखंड में 20 अप्रैल को जारी होगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट||कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग से आदिवासी समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
Tuesday, April 16, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरझारखंडरांची

झारखंड: दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले मजदूरों को अब नहीं होगी परेशानी

Jharkhand Migration Support Center

रांची : राज्य के कुशल मजदूरों को अपने राज्य से बाहर काम करने में अब कोई परेशानी नहीं होगी। राज्य सरकार ने ऐसे प्रवासी युवक युवतियों के लिए देश के सात राज्यों में स्थित आठ शहरों में प्रवासन सहायता केंद्र खोला है। रांची के रेडिसन ब्लू होटल में मंगलवार को मंत्री सत्यानंद भोक्ता और श्रम आयुक्त संजीव कुमार बेसरा ने इसकी शुरुआत की।

श्रम विभाग के द्वारा खोले गए प्रवासन सहायता केंद्र में झारखंड से रोजगार के लिए दूसरे राज्य जाने वाले कुशल श्रमिकों को एक महीने तक मुफ्त में रहने के अलावा भोजन मिलेगा। इस प्रवासन सहायता केंद्र में स्थानीय स्तर पर होने वाली परेशानी और समस्याओं का समाधान भी किया जायेगा।

मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि लेह लद्दाख जैसे क्षेत्र में भी जल्द सरकार प्रवासन सहायता केंद्र खोलने जा रही है। इन जगहों पर बड़ी संख्या में झारखंड के मजदूर काम की तलाश में जाते हैं। इन केंद्रों से मजदूरों का काफी सहायता मिल सकेगी। इस प्रवासन केंद्र के जरिये सरकार को झारखंड के श्रमिकों की विस्तृत जानकारी भी मिलेगी और उन्हें परदेश में सहायता भी मिलेगी। एक प्रवासन सहायता केंद्र में करीब 100 बेड उपलब्ध होंगे, जहां अपने माता-पिता के साथ जाने वाले श्रमिकों को ठहरने की सुविधा होगी।

मौके पर श्रम आयुक्त संजीव कुमार बेसरा ने कहा कि झारखंड सरकार ने प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए एक और नया कदम उठाया है। इसके तहत जब काम को लेकर कोई भी विभिन्न जगहों में प्रवास करता है तो वहां किसी प्रकार की समस्या ना हो, इसके लिए इन केंद्रों को खोला गया है, जिसमें एक माह तक रहने और खाने की निःशुल्क सुविधा दी जायेगी। ये केंद्र काउंसलिंग सेंटर की तरह भी काम करेगा। इसके साथ झारखंड के लोगों के लिए लोकल गर्डियन की भांति रहेगा।

श्रम विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि झारखंड से जो लोग बाहर रोजगार के लिए जाते हैं उनके लिए एक सपोर्ट सेंटर डेवलप किया गया है। माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर की कोशिश दूर प्रदेश में घर जैसा माहौल देने की है। वहां कॉमन रूम से लेकर एलईडी रूम तक की सुविधा है। पुरुष और महिला को अकोमोडेट करने का प्रयास भी किया गया है।

झारखंड सरकार ने एक साथ देश के सात राज्यों के जिन आठ शहरों में प्रवासन सहायता केंद्र खोले गये हैं, उनमें नई दिल्ली, नीमराना (राजस्थान), अहमदाबाद (गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना), बंगलुरू (कर्नाटक), चेन्नई (तमिलनाडु), तिरुप्पुर (तमिलनाडु) शामिल हैं। इन प्रवासन सहायता केंद्र का संचालन स्थानीय एनजीओ के माध्यम से राज्य सरकार करेगी।

Jharkhand Migration Support Center