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Saturday, May 25, 2024
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लातेहार: JJMP के सबजोनल कमांडर कमलेश सिंह ने किया सरेंडर, साथियों से भी की सरेंडर करने की अपील

लातेहार : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर कमलेश सिंह उर्फ मुकेश उर्फ नाना (35) ने शुक्रवार को एसपी अंजनी अंजन व सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट वेद प्रकाश त्रिपाठी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद एसपी और कमांडेंट ने गुलदस्ता देकर और माला पहनाकर उसका स्वागत किया। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने मुख्य धारा से जुड़ने का यह फैसला लिया है। सरेंडर के वक्त कमलेश की पत्नी, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे।

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एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने से पहले कमलेश सिंह माओवादी और जेजेएमपी उग्रवादी संगठन में सक्रिय रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में यह माओवादी संगठन से जुड़ा था लेकिन वर्ष 2010 में माओवादियों को छोड़कर इसने जेजेएमपी का दामन थाम लिया था। वर्ष 2010 के बाद यह लगातार जेजेएमपी नक्सली संगठन से जुड़कर लातेहार और पलामू जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में सक्रिय था। इस पर आधा दर्जन से अधिक मामले विभिन्न थाना क्षेत्र में दर्ज हैं।

एसपी ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर कमलेश सिंह ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान उन्होंने मुख्यधारा से भटके सभी नक्सलियों से सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है।

कमांडेंट वेद प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि उग्रवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान में सफलता मिल रही है। इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं और उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।

सरेंडर करने के बाद सब जोनल कमांडर कमलेश सिंह ने बताया कि गांव में भाकपा माओवादियों का आना-जाना लगा रहता था। नक्सलियों के दबाव के कारण 2008 में वह माओवादियों से जुड़ गया। करीब 2 साल तक वहां रहा। इसके बाद 2010 में जेजेएमपी उग्रवादी संगठन में शामिल हो गया। उसके बाद सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर उसने आज आत्मसमर्पण कर दिया। उसने कहा कि जंगल में जो साथी हैं वह भटक गये हैं। उन साथियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की। उसने कहा कि बंदूक से लड़ाई नहीं जीती जा सकती। उसने कहा कि पुलिस द्वारा लगातार चलाये जा रहे अभियान से संगठन काफी कमजोर हो गया है। वह जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र के लात गांव का रहने वाला है।

मौके पर सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के सेकेंड कमांडेंट विनोद कुमार कनौजिया, एसडीपीओ संतोष कुमार मिश्रा, बारेसाढ़ थाना प्रभारी रंजीत यादव आदि मौजूद थे।

Latehar JJMP Subzonal commander surrenders