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Friday, June 14, 2024
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सूखे की चपेट में झारखंड, अधिकारियों की रिपोर्ट में खुलासा

पलामू प्रमंडल में सूखे की स्थिति पर विशेष रिपोर्ट के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन

रांची : राज्य के 24 जिलों के 180 प्रखंड सूखे की चपेट में है।. चार जिलों में मध्यम सूखा, सात में गंभीर सूखा और 13 जिलों में अत्यधिक शुष्क रहा। राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा 24 जिलों के 126 प्रखंडों में बारिश और बुवाई की स्थिति का आकलन करने के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में इन तथ्यों का जिक्र किया गया है।

सरकार ने मसौदा नियमावली 2016 में निहित प्रावधान के तहत सूखे की स्थिति का आकलन किया है। सरकार ने पलामू संभाग में सूखे की स्थिति पर एक विशेष रिपोर्ट बनाने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है।

रिपोर्ट में बारिश की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा गया है कि 15 अगस्त 2022 तक सिर्फ पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिले में बारिश सामान्य है। चार जिलों (पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, जामताड़ा) में 67 से 71 फीसदी कम बारिश हुई। शेष 18 जिलों में 21 फीसदी से 58 फीसदी कम बारिश हुई है। पिछले पांच वर्षों में कृषि की स्थिति भी सबसे खराब है।

कम बारिश के कारण 15 अगस्त तक धान की बुवाई 30 प्रतिशत तक ही हो सकी। 31 जुलाई तक यह 15.78% थी। धान, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की औसत खेती भी बढ़कर केवल 37.19% हो गई है। 15 अगस्त 2022 तक खेती की स्थिति पांच साल के दौरान सबसे खराब स्थिति में है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान, सभी प्रकार की फसलों की बुवाई में 55% -83 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य के सभी जिलों में फसलों और खेती की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद निर्धारित मापदंड के आधार पर सूखे की स्थिति का आकलन किया गया है।

पहले चरण में बारिश की कमी या स्टैंडराइज्ड परसिपिटेशन इंडेक्स (एसपीआइ) और दूसरे चरण में बुआई, नार्मलाइज्ड डिफरेंस वेजिटेशन इंडेक्स (एनडीवीआइ) और हाइड्रोलॉजिकल इंडेक्स के आधार पर सूखे की स्थिति का आकलन किया जाता है।

प्रथम चरण में जिन जिलों या क्षेत्रों का एसपीआइ ऋणात्मक (-1 ) होता है, उस क्षेत्र को सूखे के आकलन के लिए शामिल कर लिया जाता है। एसपीआइ जैसे-जैसे बढ़ते जाता है (-2,-3 आदि), सूखे की गंभीरता बढ़ती जाती है। जिस क्षेत्र का एसपीआइ जितना ज्यादा ऋणात्मक होता है, उसे उतना ज्यादा सूखाग्रस्त माना जाता है। सरकार के सुखाड़ के लिए निर्धारित दोनों चरणों के आधार पर राज्य के 13 जिलों में सूखे की स्थिति को चरम पर माना गया है।

कृषि विभाग ने पलामू प्रमंडल में सूखे की स्थिति पर विशेष रिपोर्ट के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। कृषि निदेशक की अध्यक्षता में बनी इस समिति में भूमि संरक्षण निदेशक, पशुपालन निदेशक के अलावा पलामू के संयुक्त कृषि निदेशक को सदस्य को तौर पर शामिल किया गया है। गढ़वा और लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारियों को समिति का सदस्य बनाया गया है. सरकार ने इस समिति के पलामू प्रमंडल की स्थिति का एक सप्ताह के अंदर अपने सुझाव के साथ रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

जिलों में सूखे की स्थिति

जिला धान बुआई बारिश एसपीआइ स्थिति

चतरा 17.20% -58% -2.62 अत्यंत सूखा

देवघर 1.12% -54% -2.59 अत्यंत सूखा

धनबाद 6.50% -40% -2.36 अत्यंत सूखा

दुमका 2.48% -50% -2.31 अत्यंत सूखा

गढ़वा 32.47% -55% -2.56 अत्यंत सूखा

गोड्डा 26.81% -68% -3.13 अत्यंत सूखा

हजारीबाग 41.95% -42% -2.03 अत्यंत सूखा

जामताड़ा 8.53% -67% -3.64 अत्यंत सूखा

लातेहार 55.39% -47% -2.04 अत्यंत सूखा

लोहरदगा 56.83% -46% -2.43 अत्यंत सूखा

पाकुड़ 2.02% -71% -2.98 अत्यंत सूखा

पलामू 0.62% -51% -2.18 अत्यंत सूखा

साहिबगंज 15.51% -69% -3.83 अत्यंत सूखा

बोकारो 1.22% -29% -1.91 गंभीर सूखा

सिमडेगा 40.66% -31% -1.66 गंभीर सूखा

गिरिडीह 18.90% -44% -1.74 गंभीर सूखा

गुमला 25.79% -35% -1.75 गंभीर सूखा

कोडरमा 28.10% -45% -1.91 गंभीर सूखा

रामगढ़ 30.68% -31% -1.61 गंभीर सूखा

रांची 28.96% -22% -1.82 गंभीर सूखा

सरायकेला 44.17% -21% -1.11 मध्यम सूखा

पश्चिम सिंहभूम 60.91% -1% -1.19 मध्यम सूखा

खूंटी 25.73% -21% -1.28 मध्यम सूखा

पूर्वी सिंहभूम 13.68% -1% -1.07 मध्यम सूखा