Breaking :
||स्पेनिश महिला पर्यटक से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को भेजा गया जेल, पीड़ित दंपति का कोर्ट में बयान दर्ज||लातेहार: मनिका में संदेहास्पद स्थिति में पेड़ से लटका मिला युवक का शव||झारखंड में सात IAS अफसरों का टांस्फर-पोस्टिंग, रमेश घोलप बने चतरा डीसी||गढ़वा जाने के क्रम में लातेहार पहुंचे सीएम चम्पाई सोरेन, कहा- बैद्यनाथ राम को मंत्री बनाने पर फैसला जल्द||हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा ने राजनीति से लिया संन्यास, भाजपा अध्यक्ष को लिखा पत्र, जानिये वजह||दुमका में स्पेनिश महिला पर्यटक से गैंग रेप, तीन आरोपी गिरफ्तार||लातेहार: बारियातू में बाइक पर अवैध कोयला ले जा रहे नौ लोग गिरफ्तार, जेल||लातेहार: अपराध की योजना बनाते दो युवक हथियार के साथ गिरफ्तार||पलामू: पेड़ से टकराकर पुल से नीचे गिरी बाइक, दो नाबालिग छात्रों की मौत, दो की हालत नाजुक||लोकसभा चुनाव: भाजपा ने की झारखंड से 11 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा, चतरा समेत इन तीन सीटों पर सस्पेंस बरकरार
Sunday, March 3, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरझारखंडरांची

पारा शिक्षकों को 50 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती, कोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब

रांची : सहायक प्रोफेसर नियुक्ति नियमावली में पारा शिक्षकों को 50 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी है। बीआरपी और सीआरपी बहादुर महतो व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आज इस याचिका पर चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।

याचिका में जेएसएससी को भी प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार तिवारी उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली 2022 में शिक्षा विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मियों को 50 फीसदी आरक्षण की सुविधा दी गयी है। बाद में संविदा कर्मियों के लिए आरक्षण समाप्त कर दिया गया और नियमों में संशोधन किया गया। राज्य सरकार ने संशोधित सहायक प्रोफेसर भर्ती नियमावली 2023 बनायी है, जिसके तहत अब केवल पारा शिक्षकों को सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।