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लातेहार: अमवाटीकर में रैयतों ने टावर निर्माण करने आये मजदूरों को खदेड़ा, कहा-टावर बना तो करेंगे सामूहिक आत्महत्या

लातेहार : नगर पंचायत क्षेत्र के अमवाटिकर मोहल्ले में, जब झारखंड ऊर्जा संरक्षण निगम लिमिटेड ने रैयतों की अनुमति के बिना हाईटेंशन तार और टावर निर्माण का काम शुरू किया तो रैयतों ने मजदूरों को खदेड़ दिया।

झारखंड ऊर्जा संरक्षण निगम लिमिटेड के कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जिला मुख्यालय से सीओ रुद्र प्रताप दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर अनुमंडल पदाधिकारी का हवाला देकर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी।

जिसके बाद रैयत राजकुमार पाण्डेय कमलेश पाण्डेय, राम लखन पाण्डेय, नवल किशोर पाण्डेय, अमरेश कुमार पाण्डेय, ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, नरेश कुमार पाण्डेय, अनूप पाण्डेय ने उपायुक्त को रैयत भूमि पर जबरन हाईटेंशन तार व टावर निर्माण पर रोक लगाने का आवेदन दिया। .

रैयतों ने आवेदन में बताया कि मेरी भूमि खाता संख्या 76 प्लॉट संख्या 667 सीएस खतियानी रैयती भूमि पर अनाधिकृत रूप से टावर का निर्माण किया जा रहा है। हमें अंचल अधिकारी से किस आदेश पर हमारी जमीन पर टावर बनाया जा रहा है, इसके आदेश की कॉपी मांगी गई लेकिन सीओ ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।

उन्होंने कहा कि इससे पहले निगम की ओर से 10 दिसंबर 2021 को नोटिस दिया गया था। मजबूर होकर मैंने 11 दिसंबर 2021 को झारखंड राज्य के मुख्य सचिव और वरिष्ठ प्रबंधक ट्रांसमिशन डिवीजन मेदिनीनगर को मेल और इंडिया पोस्ट के माध्यम से नोटिस दिया है।

उन्होंने अपने आवेदन में बताया है कि हम सभी परिवार के बीच केवल 3.98 डेसीमिल भूमि ही खेती योग्य है। जिससे हमारे सभी लोगों के परिवार खेती-बाड़ी करके अपनी आजीविका चलाते हैं। सभी परिवार मिलकर 50 से अधिक संख्या में हैं, जिनमें कोई नौकरी और व्यवसाय नहीं है।

अंत में लिखा है कि अगर हमलोगों की मांगों को ध्यान में रखकर न्याय नहीं किया गया तो वर्तमान जिला प्रशासन का असली चेहरा साफ हो जाएगा। जिसकी जानकारी माननीय राज्यपाल महोदय, झारखण्ड सरकार एवं माननीय सक्षम न्यायालय झारखण्ड को जानकारी देते हुए हम सामूहिक आत्महत्या करने को विवश होंगे।


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