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अगर मैं गुनहगार हूं तो राज्यपाल और चुनाव आयोग क्यों नहीं सूना रहे सजा : हेमंत सोरेन

रांची : राज्य में कृत्रिम बवंडर बनाया जा रहा है। राज्यपाल और चुनाव आयोग के संदर्भ में कहूंगा कि यह भारत की पहली घटना होगी कि एक मुख्यमंत्री खुद राज्यपाल महोदय और चुनाव आयोग से हाथ जोड़कर एक मुख्यमंत्री को क्या सज़ा मिलनी चाहिए उसका आग्रह कर रहा है। उक्त बातें सीएम हेमंत सोरेन ने सीएम हाउस में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों से कही।

उन्होंने कहा कि यह हमारे विरोधियों द्वारा षड्यंत्र रचने का काम किया जा रहा है। अगर मैं मुजरिम हूं तो हमें सज़ा सुना दी जाए… अगर मैं गुनहगार हूं और इतने दिनों तक सज़ा नहीं सुनाई जा रही है तो मैं इस पद पर किस हैसियत से बैठा हूं? इसका जवाब उनको देना है।

देश में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलेगा जब आरोपी खुद सजा की गुहार लगा रहा हो। अपने ऊपर लगे आरोपों और चुनाव आयोग के पत्र-व्यवहार के सिलसिले में वह खुद हाथ जोड़कर राजभवन गए हैं और कहा है कि कुछ सजा दी जाए। महागठबंधन के लोग भी गए हैं। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अब आरटीआई की भी मदद ली गई है। अगर इससे कोई जवाब नहीं मिलता है तो हम कोर्ट में शिकायत करेंगे।

क्या यह नहीं माना जाना चाहिए कि जवाब न देकर ही आरोपी को सजा दी जा रही है? तब क्या यह मान लेना चाहिए कि कोई अपराधी संवैधानिक पद पर बैठा है? अब जिस तरह से केंद्रीय एजेंसियां ​​काम कर रही हैं, उससे अब पता चलता है कि एजेंसियों में पारदर्शिता, स्वायत्तता का स्तर कम हो गया है। इनके पीछे कोई ताकत होती है जो अपना काम करवा रही है। चुनाव आयोग ने अभी हिमाचल प्रदेश के लिए चुनाव की घोषणा की है लेकिन गुजरात के लिए नहीं। कैलेंडर का पालन करने की बजाय आयोग इसे बदलने पर लगा हुआ है।

सीएम हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया है कि सरकार राज्य में रहने वाले हर नागरिक के हितों की रक्षा करेगी। ओबीसी, एसटी वर्ग सहित सभी वर्ग के लोग निश्चिंत रहें। आरक्षण को लेकर किसी के मन में असुरक्षा की भावना नहीं होनी चाहिए। जो अधिकार पाना चाहता है, उसे अवश्य मिलेगा। सरकार देख रही है कि किस आधार पर किसे अधिकार, सम्मान मिल रहा है। सभी की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।

एक सवाल के जवाब में सीएम हेमंत ने कहा कि यह 200 प्रतिशत सही है कि पंचायतें मजबूत होंगी तो गांव, प्रखंड, जिला और राज्य मजबूत होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। परियोजना निर्माण के बजाय गांवों और पंचायतों को सशक्त बनाना होगा। राज्य की 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। अब वह जल्द ही पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठेंगे। उनसे सलाह मशविरा कर पंचायतों को मजबूत किया जाएगा। मानकी, मुंडा, परगनैत की भूमिका सुनिश्चित करने के अलावा पंचायती व्यवस्था दुरुस्त होगी।

हाल ही में लातेहार में टाना भगत और जिला प्रशासन के बीच टकराव के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि टाना भगत के साथ उनके बेहद करीबी रिश्ते हैं। वे उस समूह से संबंधित नहीं हैं जो ऐसा करता है। हुई घटना की जांच की जा रही है। इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उनके बीच घुसकर पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

हाल ही में गिरिडीह में सीएम ने स्थानीय प्रशासन द्वारा मुस्लिम कार्यकर्ता संगठनों की ओर से सीएम को धमकी दिए जाने के मुद्दे पर नाराजगी जताई और कहा कि वह इस पर हैरान हैं। नौकरशाहों, राजनीति सहित अन्य क्षेत्रों में ऐसे लोग हैं जो इस तरह के विषयों को सुर्खियों में रखते हैं। यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन से पूछताछ की जा चुकी है। कहा गया है कि ऐसी गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए।

झामुमो के घोषणापत्र में शामिल युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के सवाल पर सीएम ने कहा कि वे इससे आगे की सोच रहे हैं। वे चाहते हैं कि भत्ता देने की जगह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल हो। उन्हें स्वरोजगार या रोजगार में लगाया जाना चाहिए। स्वरोजगार के लिए 5 लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। इसके लिए पंचायतों और गांवों में कैंप लगाकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए अधिकारी बूढ़ा पहाड़ तक के क्षेत्र में जा रहे हैं।

झामुमो प्रमुख और सांसद शिबू सोरेन सहित उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लोकपाल के चल रहे मामलों पर हेमंत ने कहा कि कानूनी मुद्दों का कानूनी तरीकों से जवाब दिया जा रहा है। केंद्र सरकार भारी शक्ति के साथ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। सीएम भला 88 डिसमिल जमीन को लेकर घोटाला करेगा, ऐसा आरोप लगानेवाले को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। कोई आदिवासी, वंचित समाज से आगे आकर व्यवस्था संभाले, यह विपक्ष के कई नेताओं को नहीं पच रहा। केंद्र के पास रॉयल्टी का 3000 करोड़ सहित अन्य मद का बकाया है। इसे राज्य लेकर रहेगा। पर इसकी मांग करने पर जांच एजेंसियों के बहाने पीछे बेताल छोड़ दिया जाता है।

कैबिनेट में बदलाव के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि सभी विभागों की समीक्षा की जा रही है. अभी कैबिनेट में किसी तरह के बदलाव की बात नहीं है। महागठबंधन दलों के बीच बोर्ड, आयोग, निगम के गठन को लेकर चर्चा चल रही है। उनकी अनुपस्थिति से किसी का काम प्रभावित नहीं हो रहा है। सरकार सबके हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में झामुमो, कांग्रेस और राजद एकजुट होकर खड़े होंगे। सीएम ने सूचना आयोग, लोकायुक्त और अन्य आयोगों के मुद्दों के लिए भाजपा को जवाबदेह ठहराया। कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बिना यह मुश्किल है। बीजेपी अपना नया नेता नहीं चुन पा रही है।

राज्य में जल्द ही नगर निकाय चुनाव की घोषणा की जाएगी। ठेका, संविदा कर्मियों के मामले में सरकार नियमित बैठकें कर रही है। वह जल्दी में नहीं है। हर समस्या का समाधान होगा।