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BREAKING: लातेहार न्यायालय में टाना भगतों के प्रदर्शन पर हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, मुख्य सचिव व डीजीपी तलब

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार व्यवहार न्यायालय में सोमवार को टाना भगत के विरोध और लाठीचार्ज पर स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया है। मुख्य सचिव और डीजीपी आज मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। खंडपीठ ने राज्य के दोनों वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत परिसर में इतनी बड़ी घटना पुलिस की खुफिया तंत्र की विफलता है।

टाना भगतों ने किया था उग्र प्रदर्शन

आपको बता दें कि सोमवार को लातेहार वयवहार न्यायालय के घेराव के दौरान टाना भगत की पुलिस से झड़प हो गयी थी। टाना भगत ने न्यायालय का मुख्य गेट जबरन खोलकर परिसर में प्रवेश किया था और न्यायालय की छत पर चढ़कर विरोध करना शुरू कर दिया था। अधिकारियों ने उसे समझाने की कोशिश की तो वे और भड़क गए और पुलिस पर ही पथराव करने लगे।

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इसमें पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता समेत 19 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें कीं। इसी क्रम में प्रदर्शनकारियों ने न्यायालय के बाहर खड़ी पीसीआर वैन और न्यायालय परिसर में खड़े कोर्ट मैनेजर राजीव रंजन की अर्टिगा गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। अंत में एसपी अंजनी अंजन ने खुद मोर्चा संभाला और आक्रोशित टाना भगतों को भगाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शहर की विभिन्न सड़कों से होकर भाग निकले।

पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कर रहे थे प्रदर्शन

पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए टाना भगत प्रदर्शन कर रहे थे। वे पांचवीं अनुसूची के तहत अदालत के संचालन को असंवैधानिक बता रहे थे। टाना भगत जज को कोर्ट परिसर में बुलाने की मांग पर अड़े थे। इस दौरान एसी, डीटीओ, सीओ, एसडीपीओ और थाना प्रभारी समेत कई अधिकारी आंदोलनकारी टाना भगत को समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े रहे। टाना भगतों की मांग थी कि यहां पर पड़हा व्यवस्था लागू की जाए। प्रदर्शन के दौरान टाना भगतों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी।