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Monday, April 15, 2024
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अवैध खनन मामले में ED के बयान पर हेमंत सोरेन ने चिट्ठी लिखकर 12 बिंदुओं में दिया जवाब

झामुमो के निष्कासित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल को बताया जानी दुश्मन

रांची : ईडी झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन और परिवहन के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है। इससे पहले सोरेन ने गुरुवार को ही ईडी के सहायक निदेशक देवव्रत झा को पत्र लिखकर कुल 12 बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा।

ईडी को लिखा चिट्ठी दिखाते हेमंत सोरेन

गैर जिम्मेदाराना बयान देने से बचे ईडी : हेमंत

पत्र में उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में साहिबगंज जिले में अवैध खनन से 1000 करोड़ से अधिक के राजस्व नुकसान के ईडी के बयान को सिरे से खारिज कर दिया। सीएम हेमंत सोरेन ने ईडी को इस तरह के सनसनीखेज और गैर जिम्मेदाराना बयान देने से बाज आने को कहा है क्योंकि इससे पूरे झारखंड की छवि खराब होती है।

निष्पक्ष होकर जांच करेगी ED

सोरेन ने ईडी के सहायक निदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि वह उम्मीद करते हैं कि ईडी बिना किसी छिपे एजेंडे और मकसद के निष्पक्ष जांच करेगी। सीएम ने लिखा है कि उन्होंने संविधान को बनाए रखने की शपथ ली है और देश के एक ईमानदार नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और कानून का पालन करने के लिए ईडी के समन के अनुपालन में पेश हो रहे हैं। पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राकृतिक संपदा से संपन्न हर राज्य अवैध खनन के अभिशाप से ग्रसित है और झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। वे झारखंड राज्य से अवैध खनन को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और इस दिशा में किसी भी एजेंसी के ईमानदार प्रयासों का स्वागत करते हैं।

सरकार बनने के बाद बढ़ी है रॉयल्टी

29 दिसंबर 2019 को उनकी सरकार बनने के बाद पत्थर खनन से मिलने वाली रॉयल्टी में खासी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। कोरोना के कारण खनन कार्य प्रभावित होने के बावजूद पिछले 2 साल में रॉयल्टी बढ़ी है। वर्ष 2019-20 में राज्य को 270 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मिली, जो 2021-22 में बढ़कर 360 करोड़ रुपये हो गयी। पत्थर खनन से राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी का करीब 20 फीसदी साहिबगंज से आता है, लेकिन ईडी के बयान से लगता है कि एक हजार करोड़ रुपये का अवैध खनन घोटाला साहिबगंज में ही हुआ है। ऐसा बयान तथ्यों और आंकड़ों के विपरीत है।

प्रदेश में नौ करोड़ मीट्रिक टन पत्थर का हुआ खनन

सीएम ने खनन विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि पिछले 2 साल में पूरे झारखंड में करीब 9 करोड़ मीट्रिक टन पत्थर का खनन किया गया है। इसमें साहिबगंज जिले की हिस्सेदारी 20 फीसदी है। साहिबगंज जिले में करीब आठ करोड़ मीट्रिक टन पत्थर का अवैध खनन होने पर इस जिले में दो साल में एक हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी का नुकसान हो सकता है। यह मात्रा उस जिले में वैध खनन से चार गुना अधिक है। अगर इतनी मात्रा में पत्थरों का अवैध खनन होता है तो इसके परिवहन के लिए 20 हजार से ज्यादा रेलवे रैक या 33 लाख से ज्यादा ट्रकों की जरूरत पड़ेगी। चूंकि रेलवे बिना चालान के लोडिंग की अनुमति नहीं देता है, इसलिए यह संभव नहीं है। उन्होंने ईडी से कहा है कि आपको रेलवे का एक भी रैक बिना चालान के नहीं मिला है और न ही आपने इस मामले में किसी रेलवे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है।

आंकड़ों में सुधार करे खनन विभाग

हेमंत सोरेन के पत्र के अनुसार, ईडी ने पिछले दो वर्षों के दौरान साहिबगंज में अवैध रूप से निकाले गए पत्थरों के परिवहन के लिए 6500 रेलवे रेक का उपयोग किया है। यदि इतनी संख्या में अवैध पत्थर रेलवे रैक के माध्यम से ले जाए जा रहे हों तो भी आठ करोड़ मीट्रिक टन पत्थर साहिबगंज से दूसरी जगह ले जाना संभव नहीं है। यदि इतनी बड़ी मात्रा में पत्थरों का परिवहन ट्रकों के माध्यम से किया जाता है तो इस कार्य के लिए प्रतिदिन 4500 ट्रकों की आवश्यकता होगी, जबकि पूरे साहिबगंज जिले में केवल 800 ट्रक पंजीकृत हैं और चल रहे हैं।

ईडी ने अवैध खनन का गलत बयान जारी किया

इसी तरह सीएम हेमंत सोरेन ने कई आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया है कि रेलवे, ट्रक और जहाजों के जरिए दो साल में इतनी बड़ी मात्रा में पत्थरों की ढुलाई नहीं की जा सकती है, जिससे राज्य को 1000 करोड़ रुपये की रॉयल्टी का नुकसान होगा। उन्होंने बताया है कि राज्य को पत्थर खनन के एवज में दो साल में सभी जिलों से 750 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हुई है, जबकि इसके विपरीत ईडी ने तथ्यों और आंकड़ों की जांच किए बिना 1000 करोड़ रुपये के अवैध खनन का बयान जारी किया है। ईडी को इस तरह का सनसनीखेज बयान शोभा नहीं देता।

झामुमो के निष्कासित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल मेरा जानी दुश्मन

हेमंत सोरेन ने इस पत्र में कहा है कि राज्य के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने उन्हें फंसाने के लिए झामुमो के निष्कासित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल से उनके खिलाफ बयान दिलवाया है। रवि केजरीवाल को 2020 में ही झामुमो से निष्कासित कर दिया गया था और पार्टी द्वारा उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गयी थी। इस वजह से वह मेरा जानी दुश्मन बन गया है। सोरेन ने कहा है कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर रवि केजरीवाल ने उनसे व्यक्तिगत प्रतिशोध लेने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए।

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